भाजपा को मिला सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, दिल्ली से गांव अमावां तक जश्न का सियासी संगम
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर 45 वर्षीय नितिन नवीन के निर्विरोध चयन से पार्टी को सबसे युवा नेतृत्व मिला है। आज दिल्ली के राष्ट्रीय कार्यालय में वे पदभार ग्रहण करेंगे, जबकि बिहार के नवादा जिले के उनके पैतृक गांव अमावां में लड्डू, गुलाल और जश्न के साथ इसे ऐतिहासिक दिन के रूप में मनाया जा रहा है। यह पल बिहार के लिए गौरव का प्रतीक बन गया है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिहार के नितिन नवीन के निर्विरोध चुने जाने के साथ ही पार्टी को एक युवा और संगठनात्मक अनुभव से लैस नेतृत्व मिला है। महज 45 वर्ष की उम्र में वे भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। आज दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में वे थोड़ी देर में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रीय कार्यालय में तैयारियां, संगठन में उत्साह
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय को विशेष रूप से सजाया गया है। देशभर से आए पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन के नेतृत्व को संगठन में पीढ़ीगत बदलाव और नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यालय में होने वाला यह कार्यक्रम आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों की रणनीति की दिशा भी तय करेगा।
पैतृक गांव अमावां में जश्न, लड्डू–गुलाल से खुशी का इजहार
इधर, बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड स्थित पैतृक गांव अमावां में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल है। गांव को सजाया गया है, ढोल-नगाड़े बज रहे हैं और हर घर में खुशी का माहौल है। विधायक अनिल सिंह की देखरेख में जश्न की सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। विधायक अनिल सिंह ने बताया कि 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं, गुलाल की होली खेली जाएगी। यह सिर्फ गांव नहीं, पूरे बिहार के लिए गर्व का दिन है।
‘गांव चलो’ अभियान की जड़ें भी यहीं
नितिन नवीन का यह गांव सिर्फ उनका पैतृक स्थान नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक सोच और जमीनी जुड़ाव का प्रतीक भी है। उन्होंने ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी गांव से की थी। स्थानीय लोग मानते हैं कि आज उसी अभियान की सोच राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व का रूप लेकर सामने आई है।
बिहार के लिए गौरव का क्षण
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा कार्यकर्ताओं तक, सभी इसे बिहार के स्वाभिमान और राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना यह साबित करता है कि संगठन में मेहनत, अनुशासन और जमीनी काम का सम्मान होता है।