‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के पक्ष में भाजपा का पांच जनवरी से देशव्यापी आक्रामक प्रचार अभियान, राज्य मुख्यालयों पर प्रेस कान्फ्रेंस से लेकर गांव में चौपालों और घर-घर दस्तक देने की तैयारी, अरुण सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी निगरानी, इसमें राज कुमार चाहर भी शामिल  

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ किए जाने को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। जहां कांग्रेस ने आगामी 8 जनवरी से देशभर में विरोध अभियान शुरू करने का ऐलान किया है, वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर योजना के समर्थन में व्यापक और आक्रामक प्रचार रणनीति तय कर ली है। इसी कड़ी में शनिवार को भाजपा आलाकमान ने देशभर के भाजपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत बैठक कर प्रचार अभियान की रणनीति साझा की।

Jan 3, 2026 - 22:29
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‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के पक्ष में भाजपा का पांच जनवरी से देशव्यापी आक्रामक प्रचार अभियान, राज्य मुख्यालयों पर प्रेस कान्फ्रेंस से लेकर गांव में चौपालों और घर-घर दस्तक देने की तैयारी, अरुण सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी निगरानी, इसमें राज कुमार चाहर भी शामिल   

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा नाम परिवर्तन के विरोध में 8 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा के बाद भाजपा ने भी जवाबी रणनीति तैयार कर ली है। भाजपा पहले ही अपने सांसदों के साथ बैठक कर चुकी है और शनिवार को इसी क्रम में देश के सभी राज्यों के भाजपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ पार्टी नेतृत्व ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की।

इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे। बैठक का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने किया।

बैठक में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा पार्टी की विस्तृत प्रचार रणनीति साझा की गई। इसके तहत आगामी 5 और 6 जनवरी को पूरे देश में राज्य मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिनमें ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ की विशेषताओं और लाभों को विस्तार से बताया जाएगा।

इसके बाद 7, 8 और 9 जनवरी को पूरे देश में जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्षों के साथ संबंधित जिलों के सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य भी मौजूद रहेंगे।

इसके पश्चात भाजपा द्वारा जिला और मंडल स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आम जनता को योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। पार्टी ने आगे गांव-गांव चौपालें लगाने का भी कार्यक्रम तय किया है, जहां किसानों और मजदूरों को चौपालों के माध्यम से योजना की अच्छाइयों और बदलावों की जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों में भी जिलाध्यक्षों, विधायकों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भूमिका रहेगी।

इसके अतिरिक्त भाजपा नेतृत्व ने घर-घर जाकर जनसंवाद करने का कार्यक्रम भी जिला इकाइयों को सौंपा है, ताकि सीधे आम नागरिकों से संवाद कर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार का जवाब दिया जा सके।

इन सभी कार्यक्रमों की निगरानी और समन्वय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह बनाए गए हैं। कमेटी में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, राष्ट्रीय महामंत्री रेखा वर्मा और ओपी धनखड़ को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह कमेटी पूरे देश में होने वाले कार्यक्रमों की निगरानी करेगी।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायकों को ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ का विस्तार से ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना को मनरेगा के नाम से जाना जाता था, लेकिन सरकार ने इसमें कई बड़े और मजदूर हितैषी बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले योजना का पूरा बजट केंद्र सरकार देती थी, जबकि नई योजना में बजट को पहले से कहीं अधिक बढ़ाया गया है और अब इसमें 60 प्रतिशत धन केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत धन राज्य सरकार वहन करेगी।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले 100 दिन रोजगार का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। यदि किसी मजदूर को 125 दिन का काम नहीं मिलता है तो सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है तो विलंबित दिनों का ब्याज भी मजदूरों को दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खेती-किसानी के समय योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे, क्योंकि उस समय श्रमिकों को कृषि कार्यों में रोजगार उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि पहले की योजना में केवल मिट्टी से जुड़े कार्य होते थे, जबकि अब ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के अंतर्गत गांवों के सर्वांगीण विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

सबसे बड़ा बदलाव बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब गांवों में होने वाले कार्यों का निर्णय ग्राम पंचायत की बैठकों में लिया जाएगा, जबकि पहले सरकार द्वारा तय किए गए मिट्टी के काम ही कराए जाते थे।

उन्होंने विधायकों से कहा कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, इस योजना को लेकर दुष्प्रचार कर रही है। ऐसे में सभी विधायकों का दायित्व है कि वे जनता के बीच जाकर सच्चाई रखें और योजना के लाभों को स्पष्ट करें।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के बारे में गांव-गांव जाकर धरातल पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए और इसके लिए संगठनात्मक एकजुटता और सक्रियता बेहद जरूरी है।

SP_Singh AURGURU Editor