केरलम में बीजेपी ने किए कई वादे,   बुजुर्गों को 3,000 की पेंशन, महिलाओं को 2,500 का फूड सिक्योरिटी कार्ड

केरलम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं-बुजुर्गों के लिए बड़े वादे किए हैं। साथ ही विधवाओं को भी 3 हजार रुपये की मंथली पेंशन देने का वादा किया है।

Mar 31, 2026 - 18:30
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केरलम में बीजेपी ने किए कई वादे,   बुजुर्गों को 3,000 की पेंशन, महिलाओं को 2,500 का फूड सिक्योरिटी कार्ड

तिरुवनंतपुरम। केरलम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। इस घोषणापत्र में बीजेपी ने कई वादे किए हैं। वादा है कि अगर सरकार बनी तो गरीब परिवार की महिलाओं को हर महीने फूड हेल्थ सिक्योरिटी कार्ड दिया जाएगा, जिससे वे राशन खरीद सकते हैं। महिलाओं और विधवाओं को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही साथ बुजुर्गों के लिए भी पेंशन का वादा किया गया है।

घोषणापत्र में बीजेपी ने वादा किया है कि सरकार बनने पर इंश्योरेंस स्कीम लाई जाएगी, जिसमें सभी को कवर किया जाएगा। साथ ही केरल में एक एम्स खोलने का वादा भी किया गया है। 

सभी महिलाओं को फूड एंड हेल्थ सिक्योरिटी कार्ड्स मिलेगा, जिससे हर महीने 2,500 रुपये तक का राशन खरीद सकेंगे। विधवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी 3 हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी।

पूरे राज्य में मोबाइल हॉस्पिटल सर्विस शुरू करेंगे। एंबुलेंस की फ्री सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। खेती का इंश्योरेंस किया जाएगा।

साल में दो बार एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी। ये सब्सिडी ओणम और क्रिसमस पर मिलेगी। सभी घरों में पानी का कनेक्शन लगाया जाएगा। हर महीने 20 हजार लीटर पानी फ्री मिलेगा।

'डेवलप्ड केरला' प्रोजेक्ट के तहत तिरुवनंतपुरम से कन्नूर, कोझिकोड से कालपेट्टा और थ्रिसूर से पलक्कड़ तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होगा।
 
चेनगन्नूर से पांबा और पांबा से पथनामथिट्टा तक सबरी रेल शुरू होगी। नीलंबुर से नांजांगुड तक नई रेलवे लाइन शुरू होगी। साथ ही थ्रिसूर-गुरुवयुर लाइन का तिरुर तक विस्तार किया जाएगा।  तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में मेट्रो रेल शुरू की जाएगी।

केरलम की 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग होगी। केरलम में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजे बाकी राज्यों के साथ ही 4 मई को आएंगे। पिछले चुनाव में एलडीएफ ने 99 और यूडीएफ ने 41 सीटें जीती थीं। पिछली बार बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी।