भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन में सांसदों और विधायकों की ही चलेगी 

आगरा। भाजपा जिलाध्यक्ष के चुनाव में सांसद और विधायकों की राय महत्वपूर्ण होगी। केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने लखनऊ में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट कहा है कि जिलाध्यक्ष के चयन में कोई भी सिफारिश नहीं चलेगी। पुराने और पहले से पदाधिकारी रहे कार्यकर्ताओं को वरीयता दी जाएगी। 

Dec 3, 2024 - 15:02
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भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन में सांसदों और विधायकों की ही चलेगी 

-भाजपा ने तीन जिलों पर एक-एक पर्यवेक्षक किया नियुक्त 

लखनऊ बैठक में संगठन के चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के लिए तीन जिलों पर एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए। पार्टी ने मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ ही वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया है। हालांकि अभी उन्हें जिले वितरित नहीं किए हैं। आज शाम तक संभवत: पर्यवेक्षकों को जिले भी वितरित कर दिए जाएंगे। 

फिलहाल इस समय मंडल अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के चुनाव पर्यवेक्षक एवं राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बैठक में साफ हिदायत दी कि भाजपा का जिलाध्यक्ष बनने में सिफारिश नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि दो बार के अध्यक्ष को फिर से मौका नहीं मिलेगा। पार्टी ने मंडल और जिलों में चुनाव कराने के लिए 36 पर्यवेक्षक घोषित करते हुए चुनाव संबंधी टिप्स दिए। प्रदेश में संगठनात्मक 1918 मंडलों और 98 जिलों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पार्टी ने कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, धर्मपाल सिंह, जेपीएस राठौर, जसवंत सैनी, सोमेंद्र तोमर, सुब्रत पाठक, लल्लू सिंह, रमापति राम त्रिपाठी, पुष्पेंद्र चंदेल, गोविंद नारायण शुक्ला, अनूप गुप्ता, प्रियंका रावत, संजय राय, सुभाष यदुवंश और राम प्रताप सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

SP_Singh AURGURU Editor