युवा नेतृत्व पर भाजपा का बड़ा दांव, नितिन नवीन बनेंगे सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, 21 को होगी घोषणा
भाजपा में 20 और 21 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी। 20 जनवरी को नितिन नवीन नामांकन दाखिल करेंगे, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर होंगे। 21 जनवरी को उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी, जिसके साथ ही नितिन नवीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। यह पूरा कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में होगा, जहां भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मौजूद रहेंगे।
मोदी–शाह की मौजूदगी में नामांकन, भाजपा संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। 20 और 21 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह पूरा कार्यक्रम भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित होगा, जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और देशभर से आए संगठनात्मक पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
20 जनवरी को नामांकन का दिन
20 जनवरी को नितिन नवीन औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। यह नामांकन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व पर विश्वास का प्रतीक होगा। सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन के नामांकन पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर होंगे। यही नहीं, नामांकन दाखिल के समय ये दिग्गज नेता स्वयं मौजूद रहेंगे, जिससे इस प्रक्रिया का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
21 जनवरी को आधिकारिक घोषणा
21 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नितिन नवीन के नाम की विधिवत घोषणा की जाएगी। जैसे ही यह ऐलान होगा, नितिन नवीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। यह फैसला पार्टी के भीतर युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय कार्यालय में जुटेगा पूरा शक्ति-संतुलन
इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे साफ है कि पार्टी इस बदलाव को एकजुटता और सामूहिक सहमति के साथ अंजाम देना चाहती है।
मकर संक्रांति के बाद तेज होंगी तैयारियां
बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद ही इस पूरे कार्यक्रम को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी जाएंगी। केंद्रीय कार्यालय से लेकर राज्यों तक पार्टी कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपना भाजपा की लंबी रणनीति, युवा चेहरा और भविष्य की चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है।