'वक्फ बोर्ड में हुई खुली लूट, योगी की बात से 100% सहमत हूं'— मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी का बड़ा बयान

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्फ संपत्तियों संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों ने वर्षों तक जमीनों की बिक्री और बंदरबांट की। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों के लिए वक्फ की गई संपत्तियों का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ।

Jul 8, 2026 - 12:26
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'वक्फ बोर्ड में हुई खुली लूट, योगी की बात से 100% सहमत हूं'— मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी का बड़ा बयान

-आरके सिंह-

बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वक्फ संपत्तियों को लेकर दिए गए बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने खुलकर समर्थन जताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड के संबंध में जो बातें कही हैं, उनसे वह सौ फीसदी सहमत हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने वर्षों तक वक्फ की जमीनों की खरीद-फरोख्त और बंदरबांट का काम किया। उनके अनुसार, जो भी व्यक्ति वक्फ बोर्ड का सदस्य या पदाधिकारी बना, उसने अपने-अपने क्षेत्रों में वक्फ की जमीनों का बंटवारा ऐसे किया जैसे लखनऊ की रेवड़ी बांटी जा रही हो।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के बुजुर्गों ने लाखों की संख्या में जमीनें इसलिए वक्फ की थीं ताकि उनसे होने वाली आमदनी गरीबों, कमजोरों, लाचार लोगों और यतीमों के कल्याण पर खर्च हो सके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों ने इन संपत्तियों के संरक्षण और सामाजिक उपयोग के बजाय कथित रूप से लूट-खसोट का रास्ता अपनाया।

मौलाना ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का मूल उद्देश्य समाजहित के कार्य थे। इन जमीनों पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मदरसों की स्थापना की जानी थी, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्ग को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। लेकिन उनके अनुसार, वक्फ माफिया और भ्रष्ट तंत्र ने बुजुर्गों की इस सोच और मकसद पर पानी फेर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से संरक्षण और उपयोग होता, तो आज मुस्लिम समाज के गरीब और वंचित वर्ग को इसका बड़ा लाभ मिल सकता था। उन्होंने वक्फ संपत्तियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी आवश्यकता बताई।

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।

SP_Singh AURGURU Editor