बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर ‘वर्चस्व की लड़ाई’ में खूनः पुलिस ने नौबत यादव को किया गैंगस्टर घोषित
-आरके सिंह- बरेली। बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर पार्सल ठेके पर कब्जे की लड़ाई ने जिस तरह दिनदहाड़े एक निर्दोष ठेकेदार की जान ले ली, उसने न केवल बस स्टैंड की अराजक स्थिति को उजागर किया बल्कि क्षेत्र में उभरते संगठित अपराध के खतरनाक नेटवर्क का भी पर्दाफाश कर दिया। अनुज पांडेय की हत्या के 48 घंटे के भीतर ही पुलिस ने मुख्य आरोपी नौबत यादव और उसके साथियों को संगठित अपराधी गैंग घोषित कर गिरोहबंद अधिनियम की सबसे कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है।
30 नवंबर की शाम, सैटेलाइट बस स्टैंड पर पार्सल ठेकेदार अनुज पांडेय की गोली मारकर हत्या ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। बसों, यात्रियों और दुकानों से भरे इस इलाके में ऐसी घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्य आरोपी नौबत यादव को गैंग लीडर घोषित कर दिया। उनके निर्देश पर गिरोहबंद अधिनियम में केस दर्ज हुआ, और गैंग चार्ट भी मंजूर कर दिया गया, जो पुलिस की ‘नो टॉलरेंस पॉलिसी’ का स्पष्ट संकेत है।
जांच में सामने आया कि नौबत यादव, जो कभी बस स्टैंड पर कुली का काम करता था, धीरे-धीरे वहां अवैध वर्चस्व स्थापित करने में जुट गया। पुलिस के अनुसार नौबत यादव – गैंग लीडर, दिनेश यादव – पीलीभीत का मूल निवासी और नौबत का दाहिना हाथ तथा संतोष मौर्य – नवादा शेखान निवासी, गैंग का सक्रिय सदस्य है।
इन्हीं तीनों ने बस स्टैंड पर पार्सल ठेके पर कब्जा जमाने के लिए अनुज पांडेय की 11 फरवरी की शाम गोली मारकर हत्या की। बस स्टैंड के सबसे भीड़भाड़ वाले हिस्से में हुई इस वारदात से भगदड़ जैसे हालात बन गए थे।
मृतक के भाई अतुल पांडेय ने हत्या में कुल 9 लोगों को नामजद किया था। लेकिन सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव की निगरानी में हुई विस्तृत जांच में पाया गया कि राजन, कामते, नन्हे, वायु, उनरार, और सुनील कश्यप हत्या में शामिल नहीं थे। इन छह लोगों को पुलिस ने चार्जशीट से बाहर कर दिया है।
गैंग घोषित होने के बाद पुलिस ने नौबत यादव गैंग के खिलाफ बहुआयामी एक्शन प्लान शुरू कर दिया है। गैंग के सदस्यों की संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच के साथ ही बस स्टैंड और शहर भर में इनके नेटवर्क का विश्लेषण किया जा रहा है। किसी भी आपराधिक गतिविधि पर तुरंत कठोर कार्रवाई के साथ ही गैंग की अवैध कमाई पर लगाम लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि बस स्टैंड पर कोई दबदबा या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बस स्टैंड में लंबे समय से पार्सल ठेकों, टैक्सियों और बस संचालन पर वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। अनुज पांडेय की हत्या ने बता दिया कि इन विवादों ने अब संगठित अपराध का रूप ले लिया था।