‘हमारे बुजुर्ग-हमारी धरोहर’ पुस्तक भेंट, आचार्य लोकेश महाराज ने कहा—युवा देश की धरोहर, शांति का प्रचार और अमल वक्त की जरूरत
आगरा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जैन संत आचार्य लोकेश जी महाराज ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए सामाजिक संस्थाओं से उनके सम्मान और प्रोत्साहन को अभियान का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की धरोहर हैं और राष्ट्र निर्माण उन्हीं के माध्यम से संभव है। उन्होंने शांति के प्रचार के साथ उसे जीवन में अमल में लाने को भी वक्त की प्राथमिक जरूरत बताया।
धौलपुर हाउस स्थित सुमन सुराणा के निवास पर सामाजिक संस्था लीडर्स आगरा और तपन फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘हमारे बुजुर्ग-हमारी धरोहर’ आचार्य लोकेश जी महाराज को भेंट की गई। संस्था के महामंत्री सुनील जैन और कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने पुस्तक भेंट की।
माता-पिता का सर्वोच्च सम्मान
आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में माता-पिता का सर्वोच्च सम्मान है। उन्होंने समाज में बुजुर्गों के मान-सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त परिवार को भगवान के मंदिर की तरह बताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं, इसलिए उनके सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।
आचार्य लोकेश जी महाराज ने संस्था को सुझाव दिया कि बुजुर्गों के सम्मान के अभियान के बाद अगला अभियान युवाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए चलाया जाए। उनके अनुसार युवाओं को सकारात्मक दिशा और प्रोत्साहन देकर राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत किया जा सकता है।
शांति को जीवन में उतारने पर जोर
आचार्य ने कहा कि शांति केवल प्रचार का विषय नहीं, बल्कि उसे व्यवहार और जीवन में उतारना भी जरूरी है। वर्तमान समय में शांति का प्रचार करने और उसे अमल में लाने की जरूरत है।
इस अवसर पर लीडर्स आगरा की ओर से आचार्य श्री को इलायची की माला भी भेंट की गई। महामंत्री सुनील जैन और कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने संस्था की ओर से किए जा रहे जनहित के कार्यों की जानकारी भी दी।