दयालबाग में 500 से अधिक महिलाओं ने लिया आत्मनिर्भरता और कौशल विकास का संकल्प, महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में अनुभवों का साझा हुआ मंच, प्रदर्शनी और कार्यशालाओं में दिखी महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा
आगरा। दयालबाग में आयोजित महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में 500 से अधिक महिलाओं ने सहभागिता कर आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उत्तर प्रदेश राधास्वामी सतसंग एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को सनफ्लॉवर पब्लिक स्कूल, एलोरा एन्क्लेव, शिवनगर, दयालबाग में हुए सम्मेलन में आगरा डिस्ट्रिक्ट की पांच ब्रांचों—अदनबाग, आगरा सिटी, एलोरा, मथुरा और फिरोजाबाद—की महिला एसोसिएशनों ने संयुक्त रूप से भागीदारी की।

कार्यक्रम की संकल्पना और रूपरेखा डॉ. गुरुप्यारी प्रकाश ने तैयार की। इसे मूर्त रूप देने में महिला एसोसिएशन की रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. विनीता श्रीवास्तव तथा सभी सहभागी ब्रांचों की महिला एसोसिएशनों की पदाधिकारियों ने सहयोग किया।
सम्मेलन का शुभारंभ प्रार्थना से हुआ। इसके बाद डॉ. गुरुप्यारी प्रकाश ने स्वागत एवं सम्मेलन का परिचय प्रस्तुत किया। आयोजन स्थल पर महिलाओं के कार्यों और रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे प्रतिभागियों ने रुचि के साथ देखा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ बहनों ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवा पीढ़ी को प्रेरणादायी संदेश और मार्गदर्शन दिया। “सशक्त नारी, सशक्त परिवार” विषय पर रोल प्ले प्रस्तुत किया गया। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी दी गई और गीत की प्रस्तुति भी हुई। “विचार मंच” में सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों पर संवाद हुआ, जिसमें डॉ. कविता रायजादा ने भी अपने विचार रखे। इसके बाद कव्वाली की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को रोचक बना दिया।
मुख्य अतिथि राधास्वामी सतसंग सभा के अध्यक्ष प्रेमी भाई गुरु सरूप सूद ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महिलाओं के एकजुट होकर कार्य करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रांचों में महिलाओं की बड़ी संख्या और उनकी सक्रिय सहभागिता उत्साहजनक है। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने तथा उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों के महत्व पर बल दिया।
भोजनावकाश के बाद महिलाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के लिए टाई एंड डाई, खाद्य संरक्षण एवं बेकिंग तथा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें 60 बहनों ने भाग लिया। कार्यशालाओं के माध्यम से महिलाओं को नए कौशल सीखने के साथ अपनी रचनात्मकता को विकसित करने का अवसर मिला।
डॉ. गुरुप्यारी प्रकाश ने बताया कि दिसंबर में आयोजित यूथ फेस्ट के दौरान उन्होंने वर्किंग कमेटी की सदस्य के रूप में यूथ फेस्ट की तर्ज पर वुमन फेस्ट आयोजित करने का विचार रखा था। सम्मेलन की तैयारियां पिछले छह महीनों से चल रही थीं और धीरे-धीरे बड़ी संख्या में महिलाएं इस पहल से जुड़ती चली गईं।
उन्होंने बताया कि मथुरा, फिरोजाबाद और आसपास की अन्य ब्रांचों से आई महिलाओं ने प्रदर्शनी और कार्यक्रमों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रोत्साहन महसूस उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा अपने कार्यों को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देगा।
महिला एसोसिएशन की रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. विनीता श्रीवास्तव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने सम्मेलन में शामिल सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों और विभिन्न ब्रांचों से बड़ी संख्या में सतसंगी भाई-बहन उपस्थित रहे। इनमें राधास्वामी सतसंग सभा के सचिव प्रेमी भाई प्रेमदास सतसंगी, प्रेमी भाई विधु कश्यप, प्रेमी भाई राकेश नारंग, प्रेमी भाई विकास सिन्हा, प्रेमी भाई लखपति सिंह, प्रेमी भाई डॉ. एस. के. सतसंगी और प्रेमी बहन विभा रानी सहित अनेक गणमान्यजन शामिल रहे।