ब्रांडेड बोतल, अंदर सस्ती शराब, आगरा में फर्जी शराब फैक्ट्री पर आबकारी-पुलिस का छापा
आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के रतनपुरा में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में एक किराए के मकान से अवैध शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। आरोप है कि सस्ती शराब को नामी ब्रांड की बोतलों में भरकर महंगी शराब के रूप में बेचा जा रहा था। मौके से बड़ी संख्या में खाली-भरी ब्रांडेड बोतलें, ढक्कन और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। मकान को कथित तौर पर शराब ठेके के एक सेल्समैन ने किराए पर लिया था। पुलिस और आबकारी विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हैं।
रतनपुरा में किराए का मकान बना अवैध शराब गोदाम, ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेच रहे थे शातिर, खाली-भरी बोतलों और ढक्कनों का जखीरा बरामद
आगरा। ताजनगरी आगरा में अवैध शराब कारोबार का एक बड़ा खेल सामने आया है। थाना हरीपर्वत क्षेत्र में विजयनगर कालोनी से सटे रतनपुरा इलाके में आबकारी विभाग और हरीपर्वत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक किराए के मकान से भारी मात्रा में शराब का जखीरा बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सस्ती शराब को नामी ब्रांड की बोतलों में भरकर महंगी शराब के रूप में बेचते थे, जिससे उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा था और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके से नामी ब्रांड की खाली और भरी हुई बोतलें, बड़ी संख्या में ढक्कन, पैकिंग सामग्री और शराब से जुड़ा अन्य सामान बरामद हुआ। इससे साफ संकेत मिलता है कि यहां लंबे समय से ब्रांडेड शराब की आड़ में अवैध रीफिलिंग और सप्लाई का संगठित कारोबार चल रहा था। बरामद सामग्री देखकर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह सिर्फ एक छोटा स्टॉक प्वाइंट नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर नकली शराब तैयार कर सप्लाई करने का केंद्र बन चुका था।
जानकारी के अनुसार, जिस मकान से यह अवैध शराब गोदाम पकड़ा गया, उसे एक शराब ठेके के सेल्समैन ने किराए पर लिया था। इस खुलासे के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है, क्योंकि अब शक इस बात पर भी गहरा गया है कि कहीं इस पूरे खेल में शराब वितरण तंत्र से जुड़े अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं। पुलिस और आबकारी विभाग इस एंगल से भी जांच कर रहे हैं कि क्या ब्रांडेड शराब की सप्लाई चैन का दुरुपयोग कर नकली शराब बाजार में उतारी जा रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह का कारोबार आम लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। सस्ती या संदिग्ध गुणवत्ता की शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचना न सिर्फ धोखाधड़ी है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। यदि ऐसी शराब बाजार में बड़ी मात्रा में पहुंच जाती, तो किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था।
फिलहाल, आबकारी विभाग और हरीपर्वत पुलिस ने बरामद शराब और संबंधित सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे में कौन-कौन लोग शामिल हैं, कितने समय से यह कारोबार चल रहा था, और शराब की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे और अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं।