सुबह का नाश्ता ऊर्जा का आधार, विशेषज्ञों का संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि पर ज़ोर
आगरा। भारत विकास परिषद् संपर्क शाखा द्वारा ‘संस्कृति माह’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष परिचर्चा का आयोजन बल्केश्वर स्थित गणेशराम नागर विद्यालय में किया गया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को संतुलित आहार, जीवनशैली और स्वास्थ्य आदतों के प्रति जागरूक करना था।
-भारत विकास परिषद संपर्क शाखा द्वारा स्वास्थ्य परिचर्चा आयोजित, विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
मुख्य वक्ता के रूप में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन ने बताया कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए भोजन में पांच प्रमुख पोषक तत्व- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन/खनिज और जल—का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा, सुबह का नाश्ता ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। इसे कभी भी नजरअंदाज न करें।
डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि गेहूं, चावल, दाल, दूध, फल और हरी सब्ज़ियां जैसे पारंपरिक भोज्य पदार्थों का सेवन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद आवश्यक है।
डॉ. संध्या जैन ने स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली के लिए दिनचर्या में कम से कम एक घंटा शारीरिक गतिविधि और अत्यधिक मोबाइल या टीवी स्क्रीन समय से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्क्रीन टाइम को प्रतिदिन 1-2 घंटे तक सीमित करना चाहिए।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. दिग्जेंद्र सिंह ने कहा कि दांतों की स्वच्छता और नियमित व्यायाम भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक मोटापा या कमजोरी, दोनों ही असंतुलित दिनचर्या के संकेत हैं।
इस अवसर पर शाखा सचिव इना फौजदार, चंद्रवीर सिंह, पूर्णिमा वर्मा, सुरेश जैन, चारु पटेल, सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को उपयोगी, प्रेरणादायक और व्यवहार में उतारने योग्य बताया।