चांदी पर हॉलमार्किंग की निर्णायक पहल: आगरा में बीआईएस–इब्जा–सर्राफा संवाद, उपभोक्ता हित, पारदर्शिता और मानकीकरण की दिशा में बड़ा और ठोस कदम
आगरा। चांदी की ज्वेलरी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग को प्रभावी, व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल ढंग से लागू करने की दिशा में आगरा से एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया। सर्राफा ट्रेड डेवलपमेंट एसोसिएशन, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित व्यापक संवाद कार्यक्रम में उपभोक्ता हित, पारदर्शिता और ज्वेलरी उद्योग की विश्वसनीयता को केंद्र में रखकर गहन मंथन किया गया।
इब्जा के राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट डायरेक्टर मनोज पुंडीर के नेतृत्व में बीआईएस के हॉलमार्किंग हेड ऑफिस से आई उच्चस्तरीय टीम में चित्रा गुप्ता (डीडीजी–हॉलमार्किंग), निशा बोरा (हेड ऑफ हॉलमार्किंग) एवं के. चंदन राव (साइंटिस्ट ‘सी’–हॉलमार्किंग) शामिल रहे।
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में प्रत्यक्ष निरीक्षण
बीआईएस एवं इब्जा की टीम ने आगरा स्थित एसीपीएल एक्सपोर्ट का दौरा कर चांदी की ज्वेलरी निर्माण प्रक्रिया, प्रयुक्त टांके, शुद्धता निर्धारण एवं हॉलमार्किंग की तकनीकी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग लागू करने में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा ज्वेलरी निर्माताओं के सुझावों को गंभीरता से नोट किया गया।
संयुक्त बैठक में खुलकर हुआ संवाद
इसके पश्चात आगरा के एक होटल में आगरा की समस्त ज्वेलरी एसोसिएशनों आगरा सराफा एसोसिएशन, आगरा सराफा मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, श्री सराफा एसोसिएशन, सर्राफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी, इब्जा आगरा एवं अन्य संगठनों के संयुक्त सहयोग से चांदी ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीआईएस टीम ने हॉलमार्किंग से जुड़ी वर्तमान समस्याओं और भविष्य की कार्ययोजना पर सकारात्मक व व्यावहारिक चर्चा की।
चरणबद्ध हॉलमार्किंग पर सहमति
बीआईएस की डीडीजी चित्रा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार चांदी पर स्वैच्छिक HUID को भविष्य में अनिवार्य हॉलमार्किंग के रूप में लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि उपभोक्ता को शुद्धता के अनुरूप सही मूल्य मिल सके और धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्वेलर्स की हर व्यावहारिक समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
निशा बोरा ने कहा कि हॉलमार्किंग प्रक्रिया को सरल, व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए बीआईएस लगातार ज्वेलरी उद्योग के साथ संवाद कर रहा है। आगरा जैसे बड़े ज्वेलरी हब से मिले सुझाव नीति निर्माण में बेहद उपयोगी सिद्ध होंगे।
ज्वेलरी संगठनों की स्पष्ट राय
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग लागू होने से ज्वेलर्स और उपभोक्ताओं के बीच पारदर्शिता और विश्वास मजबूत होगा। यदि इसे चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीके से लागू किया जाए तो व्यापार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि उद्योग की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
इब्जा आगरा एवं सर्राफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी के अध्यक्ष धीरज वर्मा ने कहा कि हॉलमार्किंग से उपभोक्ता विश्वास बढ़ेगा और ज्वेलरी उद्योग को नई मजबूती मिलेगी।
इब्जा के डायरेक्टर एवं आगरा सराफा मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजमोहन रैपुरिया ने कहा कि जमीनी स्तर पर हॉलमार्किंग लागू करने के लिए बीआईएस और मैन्युफैक्चरर्स के बीच इस तरह का संवाद अत्यंत आवश्यक है।
इब्जा उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर निर्मल जैन ने बीआईएस द्वारा ज्वेलर्स की समस्याएं सुनने को सकारात्मक पहल बताया, वहीं मथुरा से इब्जा के डायरेक्टर प्रभात अग्रवाल ने हॉलमार्किंग को चरणबद्ध रूप से लागू करने पर जोर दिया।
श्री सराफा कमेटी आगरा के मंत्री देवेन्द्र गोयल ने कहा कि ऐसी संयुक्त बैठकें ज्वेलरी उद्योग के संगठन और मानकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
हर समस्या का समाधान होगा
इब्जा के राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट डायरेक्टर मनोज पुंडीर ने कहा कि चांदी की हॉलमार्किंग कोई बोझ नहीं, बल्कि उद्योग की विश्वसनीयता को मजबूत करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने बताया कि ज्वेलर्स BIS की वेबसाइट, ई-मेल या उनके व्हाट्सएप नंबर 9219616420 पर अपने सुझाव और समस्याएं भेज सकते हैं।
संवाद में इनकी मौजूदगी रही उल्लेखनीय
इस अवसर पर नितेश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, धीरज वर्मा, अंकुर गोयल, हैप्पी अग्रवाल, कौशल अग्रवाल, देवेन्द्र गोयल, मनोज गुप्ता, पवन दौनेरिया, पवन वर्मा, अंशुल रैपुरिया, मनीष परोलिया, प्रियेश गोयल, गणेश चंद्र, प्रशांत अग्रवाल, मुकेश वर्मा, अशोक गुप्ता, विभोर जैन सहित बड़ी संख्या में सर्राफा प्रतिनिधि उपस्थित रहे।