शादी से ठीक पहले दुल्हन की मौत, झोलाछाप की वजह से खुशियों में छाया मातम

बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में एक युवती की शादी के दिन तबीयत बिगड़ने पर झोलाछाप डॉक्टर के अस्पताल में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने डॉक्टर को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

May 15, 2025 - 21:02
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शादी से ठीक पहले दुल्हन की मौत, झोलाछाप की वजह से खुशियों में छाया मातम
शादी से चंद घंटे पहले दिवंगत शांति।

बरेली। बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र के देवीपुरा गांव में बुधवार को बारात आने वाली थी। घर में शादी की रौनक थी, मेहमानों की चहल-पहल और ढोल-नगाड़ों की गूंज थी। लेकिन दोपहर होते-होते सब कुछ बदल गया, जब दुल्हन शांति (22) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे आनन-फानन में बहेड़ी के अलशिफा अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने छीनी एक ज़िंदगी

अस्पताल में भर्ती के बाद डॉक्टर ने शांति का इलाज शुरू किया लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का डॉक्टर झोलाछाप था, जिसके पास न तो मान्यता प्राप्त डिग्री थी और न ही आपातकालीन चिकित्सा की क्षमता। डॉक्टर ने मृत हो चुकी दुल्हन को जिंदा बताते हुए भोजीपुरा के एक अन्य अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उसे मृत घोषित कर वापस भेज दिया गया।

मंडप में मातम, मेहमानों की आंखों में आंसू

जिस घर में कुछ घंटों बाद शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब विलाप की गूंज थी। शादी की तैयारियां अधूरी रह गईं। मंडप सूना रह गया और पकाया गया खाना ज्यों का त्यों रह गया। रिश्तेदार और मेहमान जो बारात के स्वागत की तैयारी में थे, वे शांति की मौत पर आंसू बहा रहे थे। दूल्हा और बारात आने की बजाय अब शोक जताने के लिए पहुंचे।

हंगामा और एफआईआर, डॉक्टर हिरासत में

दुल्हन की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और मृतका के पिता थान सिंह की शिकायत पर डॉक्टर तसलीम उर्फ भूरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर उसकी डिग्रियों की जांच की जा रही है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

शांति की मौत से टूटा परिवार, सवालों के घेरे में व्यवस्था

शांति की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। जिनके आंगन में विवाह के गीत गूंजने थे, वहां अब करुण क्रंदन सुनाई दे रहा है। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां लील गया, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते खतरे पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है।

SP_Singh AURGURU Editor