नाबालिग साली से छेड़छाड़ की थी जीजा ने, पत्नी ने भी दी गवाही, कोर्ट ने दी पांच साल की सजा

-आरके सिंह- बरेली। पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने एक नाबालिग छात्रा से सरेराह छेड़छाड़ करने के आरोपी जीजा को दोषी करार देते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने शुक्रवार को यह सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह सजा स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट देवाशीष ने सुनाई।

Jul 26, 2025 - 13:30
Jul 26, 2025 - 13:31
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नाबालिग साली से छेड़छाड़ की थी जीजा ने, पत्नी ने भी दी गवाही, कोर्ट ने दी पांच साल की सजा

कॉलेज से लौट रही छात्रा से जीजा ने की थी छेड़छाड़

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एवं ऑपरेशन कन्विक्शन की नोडल अधिकारी अंशिका वर्मा के अनुसार, यह मामला 1 अक्टूबर 2018 का है। पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया कि उनकी बेटी, जो विवेकानंद कॉलेज मानपुर में कक्षा 9 की छात्रा है, कॉलेज से लौट रही थी। ग्राम मानपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास उन्हीं के दमाद पंकज कुमार (निवासी ग्राम बसई, थाना शाही, बरेली) ने गलत नीयत से बेटी का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया और छेड़छाड़ करने लगा।

लोगों की मदद से छात्रा बची थी छात्रा

छात्रा की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े। भीड़ को देखकर आरोपी अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर भाग गया। इस घटना की रिपोर्ट थाना शीशगढ़ में दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोपी के खिलाफ धारा 354, 506 आईपीसी और 08 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।

कोर्ट में आरोपी के विरुद्ध उसकी पत्नी ने भी दिया बहन का साथ

विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह ने अदालत को बताया कि पुलिस ने इस मामले में नवंबर 2018 में ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह और नौ ठोस साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। पीड़िता और उसकी बड़ी बहन (आरोपी की पत्नी) सहित माता-पिता के बयान भी दर्ज कराए गए, जिससे आरोप सिद्ध हो गया।

कोर्ट का फैसला: दो धाराओं में मिली अलग-अलग सजा

कोर्ट ने दोषी पंकज कुमार को धारा 354 आईपीसी के तहत दो साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना, जबकि पॉक्सो एक्ट की धारा 08 के तहत तीन साल का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना सुनाया। अदालत ने यह भी कहा कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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SP_Singh AURGURU Editor