बजट 2026- नेशनल चैंबर के कई सुझाव वित्त मंत्री ने मान लिए, गहन में राहत के साथ निराशा भी जताई
आगरा। यूनियन बजट 2026 को लेकर नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, उत्तर प्रदेश (आगरा) के सभागार में विस्तृत चर्चा आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने की। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 पर उद्योग, व्यापार और कर व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने जहां बजट में शामिल कई सकारात्मक प्रावधानों का स्वागत किया, वहीं इसे ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए कुछ निर्णयों पर असंतोष भी जताया गया।
प्री-बजट सुझावों को बजट में मिली जगह
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल एवं पूर्व अध्यक्ष तथा आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा ने बताया कि चैम्बर द्वारा 23 जनवरी 2026 को वित्त मंत्री को प्री-बजट मेमोरेंडम भेजा गया था। वित्त मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को ईमेल के माध्यम से यह सूचना दी गई कि चैम्बर के सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए उन्हें अग्रसारित कर दिया गया है।
बजट 2026 में चैम्बर के कई प्रमुख सुझावों को सम्मिलित किए जाने पर वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आयकर और रिटर्न फाइलिंग में बड़ी राहत
चैम्बर की मांग पर रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च (शुल्क सहित) कर दी गई है।
इसके अलावा आयकर असेसमेंट में निकलने वाली डिमांड राशि, जिसे पहले 20 प्रतिशत जमा करना पड़ता था, उसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
चैम्बर द्वारा चैरिटेबल ट्रस्ट के आयकर विवरणी फॉर्म-7 को सरल बनाने की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने नया, सरल फॉर्म-7 जारी करने की घोषणा की है।
टैक्स राहत, लेकिन कुछ फैसले निराशाजनक
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि मोटर व्हीकल अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाले मुआवजे पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। यदि किसी मामले में पुनर्निर्धारण (री-असेसमेंट) होता है, तो करदाता अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सही आय दर्शाते हुए टैक्स जमा कर सकता है और पेनल्टी से बच सकता है।
विदेश में पैसा भेजने पर शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए लगने वाला टीसीएस 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
हालांकि, फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग में टैक्स दर 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया जाना निराशाजनक बताया गया। साथ ही डिविडेंड इनकम कमाने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दिए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
एमएसएमई, फुटवियर और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
सीए प्रार्थना जालान एवं अधिवक्ता राजकिशोर खंडेलवाल ने बताया कि कई प्रोसिक्यूशन धाराओं और पेनल्टी को हटाकर टैक्स कानून को सरल किया गया है।
आईसीएआई और आईसीएसआई संस्थान नए कॉरपोरेट मित्र बनाएंगे, जो एमएसएमई सेक्टर के कम्प्लायंस कार्यों को आसान और कम लागत में पूरा करेंगे।
भारत में मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहन दिया गया है। उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत माइक्रो एंटरप्राइजेज को 5 लाख रुपये तक के क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे।
फुटवियर उद्योग के लिए जूते के अपर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। सरकार ने एआई एजुकेशन पर भी विशेष फोकस करने की घोषणा की है।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
अध्यक्ष संजय गोयल एवं पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कैंसर की 17 दवाइयों पर छूट, सोलर एनर्जी उपकरण सस्ते किए जाने, इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने जैसे निर्णयों के बारे में जानकारी दी।
बैठक में रहे ये प्रमुख लोग मौजूद
बजट चर्चा में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अनिल वर्मा, मनीष अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, श्रीकिशन गोयल, सदस्य नीतेश अग्रवाल, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, दीपक महेश्वरी, मयंक मित्तल, मनोज कुमार गुप्ता, राकेश चौहान, सतीश अग्रवाल, गिरीश चंद गोयल, अधिवक्ता राजकिशोर खंडेलवाल एवं सीए प्रार्थना जालान उपस्थित रहे।
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