बरेली में दो दिन चला बुलडोज़र, आज़म खां और तौकीर रजा के करीबियों के दो बरातघर जमींदोज

पुराने बरेली शहर सूफी टोला इलाके में सपा के कद्दावर नेता आज़म खां और मौलाना तौकीर खां के करीबी नेताओं के दो अवैध बरात घरों पर बरेली विकास प्राधिकरण का बुलडोज़र लगातार दूसरे दिन भी चला। भारी पुलिस फोर्स, अधिकारियों की कड़ी निगरानी और स्थानीय विरोध के बीच बीडीए ने 2011 से लंबित ध्वस्तीकरण आदेशों को लागू कर दोनों संरचनाओं को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।

Dec 3, 2025 - 19:03
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बरेली में दो दिन चला बुलडोज़र, आज़म खां और तौकीर रजा के करीबियों के दो बरातघर जमींदोज
बरेली में अवैध बरात घर तोड़ती बीडीए की टीम।

-रमेश कुमार सिंह-

बरेली। बरेली के पुराना शहर स्थित सूफी टोला इलाक़े में बुधवार को दूसरे दिन भी बुलडोज़र की गड़गड़ाहट गूंजती रही। सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खां के करीबी सरफराज वली खान द्वारा बनाए गए ऐवान-ए-फरहत बरात घर और मौलाना तौकीर खां के करीबी राशिद खां के गुड मैरिज हॉल को बीडीए की टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

स्थानीय विरोध के बाद भी आगे बढ़ा अभियान

जैसे ही बीडीए की टीम सुबह करीब 10:30 बजे क्षेत्र में पहुंची, बरात घर के सामने के मकानों में रहने वाले लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए एडीएम सिटी सौरभ दुबे और एसपी सिटी मानुष पारीक मौके पर पहुंचे। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में अपने घरों और छतों पर इकट्ठा हो गए, जिस पर पुलिस फोर्स को छतों पर तैनात किया गया और मुख्य मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि माहौल संवेदनशील होने के कारण महिला पुलिसकर्मियों और अतिरिक्त उपनिरीक्षकों को लगाया गया। विरोध के बावजूद पुलिस बल की सख्ती के चलते माहौल नियंत्रण में रहा।

2011 के ध्वस्तीकरण आदेश अब हुए लागू

बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों बारातघरों का निर्माण बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के किया गया था। सरफराज वली खान द्वारा बनाए ऐवान-ए-फरहत बारातघर के विरुद्ध वाद संख्या 10/11-12 चल रहा था और 12 अक्टूबर 2011 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित हुआ था। राशिद खां द्वारा बनाए गुड मैरिज हॉल के विरुद्ध वाद संख्या 09/11-12 था, जिसका ध्वस्तीकरण आदेश भी 12 अक्टूबर 2011 को पारित किया गया था।

दोनों पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने के बाद यह कार्रवाई 1973 के नगर योजना एवं विकास अधिनियम के अंतर्गत की गई। बीडीए और नगर निगम अब तक लगभग 250 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति सील और ध्वस्त कर चुके हैं।

मोबाइल टावर हटवाकर किया गया पूरा ध्वस्तीकरण

बरात घर के पीछे स्थित मकान के स्वामी ने बीडीए के संयुक्त सचिव से विरोध जताते हुए कहा कि उनके घर के दस्तावेज़ पूरे हैं, फिर भी मोबाइल टावर हटाने के नाम पर उनके हिस्से में दखल दिया गया। इसके बावजूद बीडीए ने टावर हटवाने हेतु पोकलेन मशीन और दस से अधिक मजदूर लगाए।
मलबा अधिक होने पर पोकलेन मशीन मंगाई गई और दोनों बरात घरों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि घर के भीतर से महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया, पर भारी पुलिस बल के कारण विरोध प्रभावी नहीं हो सका।

SP_Singh AURGURU Editor