व्यापारी नेता हेमनदास हत्याकांडः तीन सगे भाई दोषी करार, 4 जून को सुनाई जाएगी सजा

आगरा। आगरा की न्यायपालिका ने शुक्रवार को राजामंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष हेमनदास हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। यह मामला 28 नवंबर 2014 को हुआ था, जब दिनदहाड़े हेमनदास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब 10 साल बाद कोर्ट ने प्रांजल, चेतन और प्रवीन को हत्या का दोषी माना है। तीनों अभियुक्त सगे भाई हैं और इन्हें 4 जून को सजा सुनाई जाएगी।

May 31, 2025 - 18:07
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व्यापारी नेता हेमनदास हत्याकांडः तीन सगे भाई दोषी करार, 4 जून को सुनाई जाएगी सजा

राजामंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष थे हेमनदास, प्रांजल और उसके भाई प्रवीन व चेतन ने 28 नवंबर 2014 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की थी

खून से सनी रंजिश: कैसे हुआ हत्याकांड?

वादी सुशील, पुत्र हेमनदास, निवासी आलोक नगर, जयपुर हाउस ने लोहामंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता हेमनदास राजामंडी बाजार के व्यापार मंडल के अध्यक्ष थे। उनका और परिवार का आरोपियों से वर्षों पुराना मुकदमेबाजी का विवाद चल रहा था।

2009 में प्रांजल ने सुशील के बड़े भाई हरीश पर तमंचे से फायर किया था, जिसके चलते वह जेल गया। जेल से छूटने के बाद कई बार धमकियां दी गईं। 28 नवंबर 2014 को हेमनदास जब स्कूटर से दुकान जा रहे थे, तभी गोविंद नगर में शाबिर की दुकान के पास प्रांजल, चेतन और प्रवीन मोटरसाइकिल से आए, उन्हें रोका, धमकाया और प्रांजल ने उसके पिता के ऊपर गोली चला दी। गोली लगने से हेमनदास वहीं गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

अदालत में दोष सिद्ध, कोर्ट में ही न्यायिक हिरासत में लिया

शासकीय अधिवक्ता हेमंत दीक्षित ने बताया कि इस हत्याकांड में थाना लोहामंडी में धारा 302, 34, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब अपर सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय ने तीनों भाइयों चेतन, प्रवीन प्रांजल पुत्रगण स्व. राजू, गली मंशादेवी, राजामंडी को दोषी ठहराया है। दोषी ठहराए जाने के वक्त तीनों अभियुक्त अदालत में ही मौजूद थे। चेतन और प्रवीन की ज़मानत रद्द करते हुए अदालत में ही न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया, जबकि प्रांजल जो फिलहाल कन्नौज जेल में बंद है, उसके खिलाफ दोषसिद्ध वारंट जारी कर दिया गया है। अदालत अब 4 जून को तीनों को सजा सुनाएगी।

राजामंडी बाजार कमेटी के अध्यक्ष की दिनदहाड़े हत्या ने उस समय पूरे व्यापारिक क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।

अन्य केस में सह-अभियुक्त बरी

प्रांजल के खिलाफ एक अन्य मामले में भी अदालत ने प्रांजल को तो दोषी माना है, लेकिन सहअभियुक्त सूरज वर्मा और मोनू वर्मा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

SP_Singh AURGURU Editor