कैनविज ग्रुप पर शिकंजा कसा, मालिक कन्हैया लाल गुलाटी पर 40 मुकदमे, बरेली के डीआईजी बोले- संपत्ति जब्तीकरण की तैयारी
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी के बहुचर्चित कैनविज ग्रुप मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिदेशक अनिल साहनी ने खुलासा किया है कि कैनविज ग्रुप के सीईओ कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ विभिन्न जनपदों में कुल 40 अभियोग पंजीकृत हैं। पुलिस न केवल मुकदमों की गहन विवेचना कर रही है, बल्कि गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्तीकरण और कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी कर चुकी है।

कैनविज ग्रुप के सीईओ कन्हैया लाल गुलाटी, जिन पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
बरेली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी अनिल साहनी ने बताया कि कैनविज ग्रुप के सीईओ कन्हैया लाल गुलाटी के विरुद्ध दर्ज अभियोगों में साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही न्यायालय में विचाराधीन मामलों में ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से प्रभावी पैरवी की जा रही है, ताकि अभियुक्तों को शीघ्र और अधिकतम सजा दिलाई जा सके।
डीआईजी ने बताया कि नियमानुसार गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्ति जब्तीकरण, गैंग पंजीकरण और हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया भी प्रचलित है। इस संबंध में अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, थाना बारादरी क्षेत्र अंतर्गत कैनविज ग्रुप के सीईओ कन्हैया लाल गुलाटी, निवासी 30-बी, शहदाना कॉलोनी, स्टेडियम रोड, खुशहालोक अस्पताल के पास, द्वारा लगभग 800 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बरेली जनपद में 34 अभियोग पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्त शाहजहांपुर में 2, अयोध्या में 1, कासगंज में 1, बिहार राज्य के जनपद बेरोह में 1 और झारखंड राज्य के जनपद रांची में 1 अभियोग दर्ज है।
कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। मोहम्मद यासीन, निवासी उदित पार्क-2, थाना इज्जतनगर, बरेली के विरुद्ध थाना बारादरी में एक अभियोग दर्ज है, जिसकी गहन विवेचना की जा रही है। वहीं आशीष महाजन, निवासी दीन दयाल पुरम, थाना बारादरी, के खिलाफ थाना बारादरी में 9 और थाना प्रेमनगर में 1 अभियोग पंजीकृत है, जिनकी जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
डीआईजी अनिल साहनी ने स्पष्ट किया कि बरेली परिक्षेत्र पुलिस इस पूरे मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। प्रभावी पैरवी, सख्त कानूनी प्रावधानों और संपत्ति जब्तीकरण के जरिए ठगी के इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।