कैप्टन शुभम गुप्ता बलिदान दिवसः बाबा सत्यनारायण मौर्य की देशभक्ति शाम में ताजनगरी हुई मंत्रमुग्ध
कैप्टन शुभम गुप्ता के द्वितीय बलिदान दिवस पर सुरसदन में आयोजित देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम ने आगरा को भावनाओं, कला और संस्कारों की ऐसी अनूठी शाम दी, जहां प्रख्यात साहित्यकार और चित्रकार बाबा सत्यनारायण मौर्य ने अपने गीत, विचार और लाइव चित्रांकन से वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।

कैप्टन शुभम गुप्ता बलिदान दिवस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें।
आगरा। कैप्टन शुभम फाउंडेशन और भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सुरसदन में बुधवार को एक शाम शुभम गुप्ता के नाम कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता और भारत माता के चित्र पर मुख्य अतिथियों राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, महापौर हेमलता दिवाकर, लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, पूर्व विधायक महेश गोयल आदि द्वारा माल्यार्पण से हुई।
भारत विकास परिषद की महिलाओं ने वंदे मातरम् की संगठित प्रस्तुति से माहौल में देशभक्ति की अलख जगा दी।
बाबा सत्यनारायण मौर्य ने कहा- ये मरने का नहीं, शुभम की शादी का उत्सव है
मुख्य वक्तव्य में बाबा सत्यनारायण मौर्य ने समाज, संस्कार, शिक्षा और राष्ट्रभक्ति पर गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ये मरने का नहीं, हम शुभम की शादी का उत्सव मना रहे हैं। अगर हम सब अपने-अपने कार्यों में ईमानदार बन जाएं तो देशभक्त बन जाएंगे और किसी को शहीद होने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि देश के शहीदों ने आने वाली पीढ़ियों की खुशियों के लिए खुद को न्योछावर किया है। आगरा के बेटे शुभम ने देश के लिए जवानी दी है। देश ऐसा माहौल बनाए कि किसी को भी शहीद होने की नौबत न आए।
उन्होंने समाज में बदलते संस्कारों पर भी चिंता जताई। पहले घर मजबूत बनते थे क्योंकि लोग खड़े होकर बनवाते थे। आज माता-पिता के पास बच्चों के लिए समय नहीं, तो संस्कार कैसे मिलें?
बाबा सत्य नारायण ने भावपूर्ण कविता पाठ में कहा- आंसू बचाकर हम खरीद लाए नकली मुस्कानों को…हम जहां खड़े हो जाएँ, देशभक्ति बन जाए...।
ये पंक्तियाँ सुनकर सभागार देर तक गूंजता रहा।
बच्चों पर दबाव न बनाएं— शिक्षा तनाव नहीं, सहारा बने
बाबा सत्य नारायण मौर्य ने कहा कि आज बच्चों पर अत्यधिक पढ़ाई का दबाव बनाया जाता है, जिससे वे तनाव में आने लगे हैं। उन्होंने जीवन मूल्यों, संस्कारों और मानसिक शांति के महत्व पर प्रकाश डाला।
यमुना की दुर्दशा पर पीड़ा- स्वच्छता का संकल्प
बाबा ने यमुना नदी की बिगड़ती स्थिति पर गहरी पीड़ा व्यक्त की और गीतों के माध्यम से लोगों को नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया।
अंत में उन्होंने शिव तांडव पर प्रस्तुति दी और मंच पर ही भारत माता का चित्र बनाकर आरती करते हुए अध्यात्म और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
चित्रकारी और गीतों का अनूठा संगम — श्रोताओं ने लुटाया जमकर प्यार
कार्यक्रम के दौरान बाबा सत्यनारायण मौर्य ने लगभग तीन घंटे की प्रस्तुति में करीब 20 देशभक्ति गीत सुनाए। हर गीत के साथ वे मंच पर ही लाइव चित्रकारी भी करते रहे। उन्होंने भगत सिंह, शुभम गुप्ता, छत्रपति शिवाजी, भगवान राम और भारत माता के चित्र बनाकर सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रोताओं ने गीत और कला की इस दोहरी प्रस्तुति पर जमकर दाद दी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बाबा सत्यनारायण मौर्य को सम्मानित किया।
स्कूली बालिकाओं ने रंगोली बनाकर आयोजन को और आकर्षक बनाया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद सिंघल ने और बाबा का परिचय डॉ. तरुण शर्मा ने दिया।
इस अवसर पर कैप्टन कुंवर जयपाल सिंह, कर्नल मनोहर सिंह भाटी, कैप्टन भानुप्रताप सिंह, लीला राम, सुरेश चंद गर्ग, जितेंद्र चौहान, केशव दत्त गुप्ता, डॉ. अमित अग्रवाल, अखिलेश भटनागर, धनकुमार जैन, रवि शिवहरे, डॉ. केशव दत्त गुप्ता, डॉ तरुण शर्मा, अखिलेश भटनागर, विनय सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, वंदना अग्रवाल, उमेश बंसल, धर्मगोपाल मित्तल, टीटू गोयल, राजेश गोयल, डॉ. नरेंद्र गुप्ता, तपन अग्रवाल, अजय गोयल आदि उपस्थित रहे।