आगरा में तड़के सड़क पर पड़े पेड़ से कार-बस टकराई, तीन पुलिसकर्मी घायल, वाहन क्षतिग्रस्त
आगरा-जयपुर हाईवे पर लापरवाही ने देर रात बड़ा हादसा करवा दिया। सड़क पर पड़ा पेड़ न हटाए जाने की चूक ने न सिर्फ एक कार और बस को दुर्घटनाग्रस्त किया, बल्कि मौके पर मौजूद तीन पुलिसकर्मियों को भी घायल कर दिया। हादसे से हाईवे पर घंटों ट्रैफिक ठप रहा। वन विभाग और हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
यह हादसा थाना शाहगंज क्षेत्र में आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर टाटा गेट के पास रविवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। जयपुर से आगरा की ओर आ रही क्रेटा कार सड़क पर पड़े एक पेड़ से जा टकराई। हादसे में कार का अगला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कार के पीछे ही एक बस आ रही थी। कार को दुर्घटनाग्रस्त देख बस चालक ने जैसे-तैसे बचाने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान बस भी सड़क पर गिरे पेड़ के दूसरे हिस्से से जा टकराई। इससे बस भी क्षतिग्रस्त हुई है। राहत की बात ये रही कि इन वाहनों में सवार लोगों को चोटें नहीं आईं।
हादसे की सूचना मिलते ही पृथ्वीनाथ चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। वे सड़क पर वाहनों को किनारे करवाने और क्रेन मंगवाने में लगे ही थे कि तभी एक और बस, जो गलत दिशा में तेज़ रफ्तार से आ रही थी, सड़क किनारे खड़े तीन पुलिसकर्मियों को अपनी चपेट में ले गई। इस हादसे में पुलिसकर्मी मोहित यादव, रोहित यादव और एक अन्य जवान घायल हो गए। सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
दुर्घटना के बाद हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस ने क्रेन मंगाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और कई घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा मुख्य रूप से उस पेड़ के कारण हुआ, जो कई सड़क पर गिरा पड़ा था। वाहन चालकों को सामने से आते वाहनों की हेडलाइट्स के कारण पेड़ नहीं दिखाई दिया और एक के बाद एक दो वाहन उससे टकरा गए।
यह घटना वन विभाग और हाईवे प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जिन्होंने न तो सड़क पर गिरे पेड़ को हटाया और न ही उस स्थान पर चेतावनी संकेतक लगाए। यह केवल दुर्घटना नहीं, एक प्रशासकीय चूक का परिणाम है, जिसने हादसे का रूप ले लिया।