खंदौली के आनंद की पिटाई का मामला फिल्मों जैसी उलझी कहानी, जिसमें षडयंत्र और सत्ता का खेल शामिल

आगरा। भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता आनंद शर्मा की भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष उपमा गुप्ता और उनके साथ मौजूद महिलाओं द्वारा की गई पिटाई के मामले में हर रोज नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। अब यह केवल एक मारपीट की घटना नहीं, बल्कि फिल्मी पटकथा जैसी परत-दर-परत उलझी हुई कहानी बन चुकी है, जिसमें धन, षड्यंत्र और सत्ता का खेल सब कुछ शामिल है।

Jul 17, 2025 - 13:07
Jul 17, 2025 - 14:21
 0
खंदौली के आनंद की पिटाई का मामला फिल्मों जैसी उलझी कहानी, जिसमें षडयंत्र और सत्ता का खेल शामिल
यह चित्र आरबीएस कॊलेज में 26 जून को हुए भाजपा के कार्यक्रम का है, जिसमें दिख रही महिलाओं में से कुछ वे भी हैं, जिन्होंने आनंद की पिटाई की थी। इस कार्यक्रम के बाद ही आनंद को पीटा गया था। पहचान छिपाने के लिए महिलाओं के चित्र धुंधले किए गए हैं। चित्र में आनंद भी है।

आनंद शर्मा की पिटाई करने के बाद भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष उपमा गुप्ता और उनके साथ मौजूद महिलाओं की ओर से यह दर्शाने की कोशिश की गई थी कि आनंद शर्मा एक सड़क छाप मनचला है, जिसने एक महिला को अश्लील वीडियो भेजा था और हमने उसे अपने स्तर से सबक सिखा दिया है।

खंदौली की भागवत कथा और आनंद का उपमा से सामना

यह पूरा सच नहीं है। सच यह है कि उपमा गुप्ता और उनके साथ मौजूद दो महिलाएं बहुत पहले से आनंद शर्मा को जानती थीं। ये सभी यह भी जानती थीं कि आनंद भाजपा से जुड़ा हुआ है। उसका परिवार लम्बे समय से आरएसएस से जुड़ा हुआ है। इसका सबूत यह है कि रामनगर, खंदौली के ही एक परिवार ने बहुत पहले एक धार्मिक कार्यक्रम कराया था, जिसके मंच पर भाजपा के बड़े-बड़े नेता पहुंचे थे। आनंद उस कार्यक्रम में मंच की व्यवस्था में थे। यह संयोगवश हुआ कि उस मंच पर चढ़तीं उपमा गुप्ता को आनंद ने रोक दिया था। उपमा गुप्ता ने इसका उलाहना कई महीनों के बाद आनंद को दिया था। उस समय आनंद ने यह कहते हुए कि वह पहचानता नहीं था, बात टाल दी थी।

अपने यहां की भागवत कथा में नहीं बुलाया था उपमा को

अभी कुछ समय पहले आनंद शर्मा ने खुद भी भागवत कथा का आयोजन कराया था। उस आयोजन में भी भाजपा के बड़े-बड़े नेता पहुंचे थे। आनंद ने इस कार्यक्रम में उपमा गुप्ता को आमंत्रित नहीं किया था। इसका भी उलाहना उपमा गुप्ता ने कुछ सप्ताह पूर्व खंदौली में आनंद शर्मा के घर पर पहुंचकर दिया था। यहां तक सब कुछ सामान्य चल रहा था। इन दोनों घटनाओं से ये तो साबित होता है कि स्वयं उपमा गुप्ता भी बहुत पहले से आनंद शर्मा को जानती थीं।

आनंद की खंदौली की प्रॊपर्टी बनाम छाता-वृंदावन के प्लॊट

राष्ट्रीय राजमार्ग-509 से लगे अपने पैतृक खेत और एक छोटे होटल के चलते आनंद शर्मा की आर्थिक स्थिति पहले से ही मजबूत है। कहानी यहीं से शुरू होती है। आनंद के परिजनों के अनुसार, महिला मोर्चा से जुड़ी दो महिलाएं जो ट्रांस यमुना कॊलोनी में रहती हैं (इनमें एक वह भी है जिसके मोबाइल पर आनंद के नंबर से अश्लील वीडियो भेजा गया था), आनंद के पास पहुंचीं और कहा कि वे मथुरा जिले के छाता और वृंदावन में प्लॉट हैं, वे चाहें तो खरीद लें। परिवार की मानें तो ये प्लॊट किसी और के ही थे, लेकिन प्लॊट होल्डर की ओर से यही आनंद से बात कर रही थीं। आनंद के परिजनों की मानें तो इन दोनों महिलाओं के प्रस्ताव पर आनंद शर्मा इन्हीं महिलाओं के साथ उन प्लाटों को देखने भी गया था।

दोनों अंगूठों से पीछे की गाड़ी के इशारों का क्या मतलब था

आनंद के परिवारीजन बताते हैं कि ट्रांस यमुना कॊलोनी की दोनों महिलाएं जब आनंद को छाता और वृंदावन में प्लॊट दिखाने ले गई थीं तो उनकी गाड़ी के पीछे एक और गाड़ी कुछ दूरी पर चल रही थी। रास्ते में कई जगह गाड़ी रुकी भी थी। इसके बाद जब गाड़ी चलने को होती थी तो दोनों महिलाएं अपनी-अपनी साइड की खिड़कियों से दोनों अंगूठे उठाकर कुछ इशारा करती थीं। इसके बाद पीछे वाली गाड़ी भी आगे बढ़ने लगती थी। उस समय आनंद को कुछ समझ नहीं आ रहा था, लेकिन वह इन इशारों के अर्थ तलाशने की कोशिश करता रहा कि आखिर पीछे वाली गाड़ी को किस बात के इशारे किए जाते थे।

दुकान बनाने और होटल को नर्सिंग होम में बदलने की बातें

आनंद के परिजनों की मानें तो आनंद ने प्लॊटों में कोई रुचि नहीं दिखाई। परिवारीजनों का मानना है कि ये लोग छाता और वृंदावन के प्लॊट देकर खंदौली में आनंद की प्रॊपर्टी को लेने का मंसूबा पाले हुए थे।

इससे पहले ट्रांस यमुना कॊलोनी की इन्हीं दोनों महिलाओं ने आनंद से कहा कि वे खंदौली में उनके लिए एक दुकान का निर्माण करा दें। वे किराया देंगी। महिलाएं प्रस्तावित दुकान में जन औषधि केंद्र खोलना चाहती थीं।

आनंद ने दुकान निर्माण में रुचि नहीं दिखाई तो इसके बाद, इन्हीं महिलाओं की ओर से आनंद के होटल को नर्सिंग होम में बदलने की चर्चा छिड़ी। इन सब प्रयासों के बीच महिला मोर्चा से जुड़ी महिलाओं का आनंद शर्मा के घर पर भी आना-जाना लगा रहता था।

न्यूड वीडियो और दस लाख की मांग का दावा

आनंद ने न तो दुकान बनाने में इंट्रेस्ट लिया और न अपने होटल को नर्सिंग होम में कन्वर्ट करने में। इसके बाद स्थिति तब बदली जब किसी तरह एक महिला के पास आनंद शर्मा के मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक वीडियो पहुंचा। आनंद के परिवारीजनों की मानें तो इस वीडियो के बाद आनंद से कथित रूप से दस लाख रुपये पार्टी फंड के नाम पर मांगे गए। लेकिन आनंद ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि वे पहले ही अपने बेटे के कैंसर इलाज की वजह से तंगी से जूझ रहे हैं।

कथित वीडियो के कई सप्ताह की गई पिटाई

इस सारे घटनाक्रम में विचारणीय बात यह है कि आनंद के मोबाइल नंबर से जिस महिला के मोबाइल में अश्लील वीडियो पहुंचा, वह मामला कई सप्ताह पुराना है।

इस वीडियो के कई सप्ताह गुजरने के बाद भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष उपमा गुप्ता महिलाओं को लेकर खंदौली में आनंद के घर पर पहुंचीं थीं। सवाल ये है कि जैसे ही वीडियो मिला तब महिला ने न तो पुलिस से शिकायत की और न उपमा गुप्ता खंदौली पहुंचीं। इस कथित वीडियो की घटना के बाद आनंद आरबीएस कॊलेज में हुए भाजपा के कार्यक्रम में भी पहुंचा, जहां वे महिलाएं भी थीं जिन पर आनंद को पीटने का आरोप है।

पहले चाय पी और फिर पीटा

उपमा गुप्ता जिस दिन महिलाओं को लेकर पहुंची, आनंद घर से बाहर था। इन महिलाओं ने आनंद के घर पर पहुंचकर सबसे पहले चाय पी। इस दौरान वहां पहुंचे कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि आनंद को बुलाएं। वे बात करना चाहती हैं। भाजपा कार्यकर्ता, जो बाद में पिटाई वाले वीडियो में भी नजर आए, आनंद शर्मा को विश्वास में लेकर बुलवाया और कहा कि ये महिलाएं जो भी कहें, शांत रहना। आनंद के घर पहुंचने के बाद उसके माफी मांगने और सफाई देने के बाद भी उसकी सामूहिक रूप से पिटाई की गई। गौर करने वाली बात यह रही कि आसपास खड़े भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ तमाशबीन बने रहे।

इन्हीं महिलाओं ने अपने मोबाइल से वीडियो बनवाए थे

आनंद शर्मा के बेटे के अनुसार, 26 जून को आरबीएस कॉलेज के हॉल में हुए भाजपा के कार्यक्रम में उनके पिता मंच के पास बैठे थे। वहीं, भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी इन्हीं महिलाओं ने उन्हें अपने-अपने मोबाइल फोन देकर कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करवाई थी। यह वही महिलाएं थीं जो उनके घर कई बार आ चुकी थीं, चाय-नाश्ता कर चुकी थीं, और पिटाई वाले दिन भी घर में चाय पीकर गई थीं। आनंद के साथ मारपीट की घटना आरबीएस के कार्यक्रम के बाद की है।

अब आनंद गायब, परिजन परेशान हैं

पिटाई के बाद से ही आनंद शर्मा लापता चले आ रहे थे, लेकिन गुरुवार को उनके लौटने की सूचना मिली है। परिजनों ने कहा कि उन्हें किसी अनहोनी की आशंका है। इधर चाणक्य सेना के पदाधिकारी आनंद शर्मा के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। आनंद का परिवार इतना भयभीत हो चुका है कि कुछ भी कदम उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।

SP_Singh AURGURU Editor