आगरा के पिनाहट क्षेत्र में कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत का मामलाः क्या रेबीज इंजेक्शन फेल हुआ? मासूम की मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल

आगरा के पिनाहट क्षेत्र में रेबीज से पांच वर्षीय बालक की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आवारा कुत्ते के काटने के बाद बच्चे को समय पर रेबीज के इंजेक्शन दिये गए, इसके बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। यह मामला सीधे तौर पर रेबीज इंजेक्शन की गुणवत्ता, कोल्ड चेन और इलाज की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Feb 3, 2026 - 13:24
Feb 3, 2026 - 13:27
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आगरा के पिनाहट क्षेत्र में कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत का मामलाः क्या रेबीज इंजेक्शन फेल हुआ? मासूम की मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल
पांच वर्षीय मासूम छोटू की फाइल फोटो, जिसकी कुत्ते के काटने से मौत हो गई।

आगरा। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र के गांव अतैयापुरा में रेबीज के टीके लगने के बावजूद पांच वर्षीय बालक छोटू पुत्र कुंवर सिंह की मौत हो गई। यह घटना न केवल परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जानकारी के अनुसार विगत 9 जनवरी को छोटू घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उसके चेहरे पर काट लिया। परिजन उसे तत्काल पिनाहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का कहना है कि बच्चे को 9, 12 और 16 जनवरी को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे। अगली खुराक की तारीख 7 फरवरी तय की गई थी।

इसके बावजूद शनिवार को अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे इलाज के लिए दिल्ली ले गए, जहां चिकित्सकों ने उपचार किया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह बालक की मौत हो गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नियमानुसार रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे, तो फिर बच्चे की जान क्यों नहीं बच सकी। क्या इंजेक्शन की गुणवत्ता में कोई कमी थी? क्या इंजेक्शन को सही तापमान पर संरक्षित किया गया था? क्या काटे जाने के स्थान की गंभीरता के अनुसार अतिरिक्त उपचार की जरूरत थी? या फिर कहीं इलाज की प्रक्रिया में चूक हुई?

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमोद कुशवाहा का कहना है कि बालक को नियमानुसार रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तथ्यों की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि अगर इंजेक्शन लगने के बाद भी मौत हो रही है, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे। यह घटना सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि पूरे रेबीज टीकाकरण तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल है।

SP_Singh AURGURU Editor