आगरा के सीएमओ सहित कई के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज, आरोप- मेडिकल के लिए मांगी गई ‘सेवा’
आगरा। स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने सेशन कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीएमओ डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर, वादी अधिवक्ता राजेंद्र गुप्ता धीरज के बयान दर्ज करने हेतु 14 जून 2025 की तारीख तय कर दी है।
ये है पूरा घटनाक्रम
वादी अधिवक्ता राजेन्द्र गुप्ता धीरज ने अदालत में बताया कि उनकी पत्नी निर्मल गुप्ता, उत्तर प्रदेश पुलिस में निरीक्षक के पद पर तैनात थीं। 4 अप्रैल 2020 को ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और समय पर इलाज न मिलने के कारण उनका निधन हो गया।
इसके बाद, वादी ने दिनांक 23 फरवरी 2024 को अपनी पुत्री गर्विता राज गुप्ता के लिए पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत गोपनीय पद हेतु आवेदन किया। 15 अप्रैल 2024 को पुत्री का मेडिकल परीक्षण सीएमओ कार्यालय में गठित पांच डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें पुत्री की लंबाई 147 सेमी दर्ज की गई, जबकि वास्तविक लंबाई 148 सेमी है, जो नियम के अनुसार मान्य होती।
वादी के अनुसार, जब उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट में हुई इस गड़बड़ी पर आपत्ति की तो सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कार्यालय के बाबू मनीष कुमार को बुलाकर कहा, कोई सेवा की या नहीं? वादी द्वारा आर्थिक तंगी की बात कहने पर सीएमओ भड़क गये और कार्यालय से बाहर निकाल दिया।
बाद में, 28 मई 2024 को वादी ने सीएमओ से पुनः संपर्क किया। जिस पर सीएमओ ने कथित रूप से कहा- अगर सेवा नहीं करोगे, तो हम मदद भी नहीं करेंगे और लंबाई भी सही नहीं लिखी जाएगी।
सेशन कोर्ट के आदेश पर फिर से हुई सुनवाई
इस प्रकरण पर वादी ने धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता (अब धारा 174(3)) के तहत सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। 3 अगस्त 2024 को सीजेएम कोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए इसे खारिज कर दिया था। इसके विरुद्ध वादी ने सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। 7 फरवरी 2025 को सेशन कोर्ट ने सीजेएम के आदेश को खारिज करते हुए मुकदमे की विधिसम्मत सुनवाई कर निर्णय देने का निर्देश दिया।
सेशन कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर वादी के बयान दर्ज करने के लिए 14 जून 2025 की तिथि नियत की है।
इन अधिकारियों पर बनाया आरोपी
वादी अधिवक्ता धीरज गुप्ता ने इस केस में सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, कार्यालय बाबू मनीष कुमार, पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉक्टरों के अलावा डिप्टी सीएमओ को प्रतिवादी बनाया है।