अपहरण और अवैध धर्मांतरण का मामलाः बरेली में किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर ले गया था युवक, चंद घंटों में बरामद, मुख्य आरोपी रेहान गिरफ्तार
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। बरेली में अपहरण और अवैध धर्म परिवर्तन के एक गंभीर प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग किशोरी को चंद घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया, जबकि गुरुवार को मुख्य आरोपी युवक रेहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामला सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि बालिकाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर बरेली पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि 05 जनवरी 2026 को थाना क्योलड़िया क्षेत्र से 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने की सूचना मिली थी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और अंतर-जिला समन्वय से कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभ में मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता की बरामदगी और उसके बयान के बाद प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए धारा 64(2)M बीएनएस, धारा 3/5(1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, धारा 5L/6 पॉक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की गई।
धर्मांतरण के लिए अजमेर शरीफ ले जाने को था
एसएसपी अनुराग आर्य ने खुलासा किया कि अभियुक्त रेहान, कस्बा क्योलड़िया का निवासी है और केवल कक्षा 5 तक शिक्षित है। वह पिछले लगभग पांच वर्षों से जयपुर में प्लम्बर का कार्य कर रहा था।
जांच में अभियुक्त की मानसिकता अपराधिक और कट्टरपंथी पाई गई। उसने किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर मुस्लिम धर्म के प्रति आकर्षित किया, शारीरिक संबंध बनाकर विश्वास में लिया और उसी विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उसे मुस्लिम धर्म स्वीकार कराने की नीयत से अजमेर शरीफ चादर चढ़ाने के बहाने ले जा रहा था।
जीआरपी पुलिस द्वारा ट्रेन में चेकिंग के दौरान किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया, लेकिन आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसके बाद थाना क्योलड़िया पुलिस ने सघन प्रयास कर गुरुवार को रेहान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के अपहरण, शोषण और अवैध धर्मांतरण जैसे मामलों में किसी भी कीमत पर नरमी नहीं बरती जाएगी।