भरतपुर के महल से शाही झंडा हटाने का मामलाः युवराज अनिरुद्ध के खिलाफ जाट सरदारी का युद्धघोष

किरावली। भरतपुर के राजघराने में पिता-पुत्र के बीच की वर्चस्व की जंग में शाही झंडे को हटाने का मामला भरतपुर ही नहीं, आगरा तक उबाल ला रहा है। युवराज द्वारा भरतपुर के मोती महल से शाही झंडा हटाने की घटना की प्रतिक्रिया गांव-गांव में हो रही है। किरावली में गुरुवार को हुई जाट समाज की बैठक में कहा गया कि युवराज अनिरुद्ध सिंह ने मोती महल पर सदियों से फहराते शाही झंडे को उखाड़कर पूरे जाट समाज के आत्मसम्मान को ललकारा है। बैठक में वक्ताओं ने युवराज के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए खुलेआम मोर्चा खोल दिया।

Sep 11, 2025 - 22:12
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भरतपुर के महल से शाही झंडा हटाने का मामलाः युवराज अनिरुद्ध के खिलाफ जाट सरदारी का युद्धघोष
किरावली में गुरुवार को हुई जाट समाज के प्रमुख लोगों की बैठक का एक दृश्य।

-किरावली में हुई जाट महासभा और चाहरवाटी महासभा की बैठक में शाही झंडे को बताया गया समाज का स्वाभिमान

-14 सितम्बर को मौनी बाबा आश्रम पर बुलाई गई वृहद महापंचायत, 21 को भरतपुर कूच का संकल्प भी लिया गया

इधर पूर्व भरतपुर के राजा विश्वेंद्र सिंह ने भी अपील की है कि भरतपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और हाथरस सहित कई जिलों की जाट सरदारी एकजुट होकर शाही सम्मान की रक्षा के लिए आगे आए।

किरावली की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ शाही संपत्ति की नहीं, बल्कि महाराजा सूरजमल और महाराज जवाहर सिंह जैसे वीर योद्धाओं की शौर्यगाथा और समाज के स्वाभिमान को बचाने की लड़ाई है। इसी क्रम में 14 सितंबर को मौनी बाबा आश्रम किरावली पर महापंचायत भी बुलाई गई है। 21 सितंबर को भरतपुर कूच का ऐलान भी कर दिया गया।

युवराज ने परिवार और समाज को अपमानित किया- मलखान सिंह भगत

चाहरवाटी महासभा के अध्यक्ष मलखान सिंह भगत ने कहा कि भरतपुर के युवराज अनिरुद्ध सिंह ने जिस तरह मोती महल से शाही झंडा हटाकर नया झंडा लगाया है, वह अपने ही परिवार और समाज को अपमानित करने जैसी हरकत है। अनिरुद्ध सिंह को अगर समाज ने सबक नहीं सिखाया गया तो भरतपुर राजवंश का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। जाट समाज इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

पुरखों की विरासत और शौर्य को कलंकित कर दिया

अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा, हमारे पूर्वज महाराज जवाहर सिंह ने अपने जीवन में अस्सी युद्ध जीतकर समाज की आन-बान-शान को कायम रखा। उन्होंने अपने जीवन को बलिदान कर दिया लेकिन कभी स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। युवराज अनिरुद्ध ने उसी शौर्य की विरासत को कलंकित किया है। शाही झंडा सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, वह हमारी अस्मिता का प्रतीक है। उसकी बेअदबी हम कभी नहीं सहेंगे।

किरावली नगर पंचायत के पूर्व चैयरमैन जगदीश सिंह इन्दौलिया ने कहा कि युवराज की करतूतों से पूरा जाट समाज आहत और अपमानित हुआ है। सदियों से जिस झंडे के नीचे समाज एकजुट होता आया है, उस झंडे को उखाड़कर उन्होंने समाज की एकता पर प्रहार किया है। यह समय है कि हम एकजुट होकर इसका जवाब दें। 14 सितंबर की महापंचायत इस लड़ाई की नींव रखेगी।

शाही घराने के स्वाभिमान की रक्षा करेगा जाट समाज

जाट समाज के वरिष्ठ नेता कुंवर शैलराज सिंह ने कहा कि भरतपुर स्टेट के महान योद्धा महाराजा सूरजमल केवल जाटों के ही नहीं बल्कि प्रदेश की छत्तीस जातियों के आस्था केंद्र हैं। सूरजमल का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। युवराज की करतूतों ने हर जाति को दुखी किया है। हम सब मिलकर शाही घराने के स्वाभिमान की रक्षा करेंगे और इस विश्वासघात का करारा जवाब देंगे।

रालोद नेता फौरन सिंह इन्दौलिया ने तो अनिरुद्ध सिंह को शाही घराने का कलंक तक कह दिया। उन्होंने अपने पिता विश्वेंद्र सिंह तक की मर्यादा को लांघ दिया है। ऐसे बेटे को अब सबक सिखाना ही होगा। अगर अब भी समाज खामोश रहा तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। 21 सितंबर को भरतपुर कूच करके हम समाज का झंडा फिर से मोतीमहल पर लहराएंगे।

बैठक में जबाब सिंह पूर्व प्रधान, भूपसिंह इन्दौलिया, नीरज सिंह पूर्व प्रधान, बदले सिंह सूबेदार, भूपेंद्र सिंह इन्दौलिया, प्रदीप मुखिया, जितेंद्र उर्फ गुड्डू प्रधान, गौरे लाल इन्दौलिया, बिट्टू इन्दौलिया समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor