आगरा के किरावली थाने में निर्दोष को थर्ड डिग्री का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा

आगरा। किरावली थाने में युवक को अमानवीय तरीके से थर्ड डिग्री दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के दोनों पैर फ्रैक्चर होने, बेहोश होने और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। केवल निलंबन की कार्रवाई की गई है। अब यह मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है, जहां दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।

Dec 23, 2025 - 22:39
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आगरा के किरावली थाने में निर्दोष को थर्ड डिग्री का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा
किरावली थाने में थर्ड डिग्री के बाद अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवक।

गांव कराहरा निवासी पूर्व फौजी वनवीर सिंह का शव 5 अगस्त की सुबह घर में मिला था। परिजनों ने गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में पुलिस ने गांव के ही राजू पंडित को पूछताछ के लिए रविवार को किरावली थाने बुलाया था।

राजू के अनुसार, वह शाम करीब सात बजे थाने पहुंचा। रात आठ बजे उसे एक कमरे में ले जाकर शाल से हाथ-पैर बांध दिए गए और डंडे के सहारे उल्टा लटका दिया गया। आरोप है कि थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौजूदगी में दो दरोगा और एक सिपाही ने बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हत्या कबूल कराने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। पीड़न के दौरान चार लकड़ी के डंडे और एक प्लास्टिक का डंडा टूट गया। थर्ड डिग्री के कारण राजू के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया और वह बेहोश हो गया।

युवक की हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल के हस्तक्षेप के बाद जांच हुई, जिसके बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।

समाजसेवी नरेश पारस ने इस पूरे मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजू को दो दिन तक अवैध हिरासत में रखकर मुंह में कपड़ा ठूंसकर, हाथ बांधकर थर्ड डिग्री दी गई। युवक रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा।

शिकायत में मांग की गई है कि मानवाधिकार आयोग इस मामले में जांच टीम गठित कर पीड़ित के बयान दर्ज कराए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाए।

घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आगरा पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। लोग इसे कानून के राज पर धब्बा बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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SP_Singh AURGURU Editor