गेट बंद सोसायटियों में पशु सेवा की मिसालें ढूंढ़ेगा 'कैस्पर्स होम', जुलाई के अंत में होगा सम्मान समारोह
आगरा। शहर की गेट बंद सोसायटियों में पशु-पक्षियों की देखभाल और सेवा की परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए कैस्पर्स होम ने एक अनूठी प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इस प्रतियोगिता के तहत उन हाउसिंग सोसायटियों को सम्मानित किया जाएगा, जो पशुओं की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। 15 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि रखी गई है, जबकि सम्मान समारोह जुलाई माह के अंत में होगा।
-पशु-पक्षियों की सेवा करने वाली बेस्ट सोसायटियों को मिलेगा विशेष सम्मान, अब तक सात प्रतिभागी
पशु सेवा में जुटीं सोसायटी होंगी सम्मानित
कैस्पर्स होम की चेयरपर्सन विनीता अरोड़ा ने खंदारी स्थित कार्यालय पर आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में बताया कि प्रतियोगिता में अब तक सात सोसायटियों के वीडियोज़ प्राप्त हो चुके हैं। निर्णायक मंडल इन वीडियों के साथ-साथ फील्ड विज़िट के जरिए भी मूल्यांकन करेगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली तीन सोसायटियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
पुरानी परंपराएं हो रहीं लुप्त, लौटाना है सद्भाव
विनीता अरोड़ा ने कहा, पहले हर घर में पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकलती थी। लेकिन आधुनिक गेट बंद कालोनियों में अब पालतू जानवरों के घुसने तक पर रोक है। यह प्रतियोगिता लोगों को पुनः पशु-पक्षी सेवा की ओर प्रेरित करने का प्रयास है।
प्रतियोगिता के माध्यम से नगर निगम व पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जानवरों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना है।
बुजुर्गों व बच्चों को भी मिलेगा सम्मान
प्रतियोगिता का मक़सद न केवल सोसायटियों को सम्मानित करना है, बल्कि उन बुजुर्गों और बच्चों को भी सराहना देना है जो अपने स्तर पर पशु सेवा में लगे हैं। इनका योगदान इको-सिस्टम के संरक्षण में महत्त्वपूर्ण है।
शहर की कोई भी गेट बंद सोसायटी अपनी सेवा गतिविधियों का वीडियो निम्नलिखित नंबरों पर 15 जुलाई तक भेज सकती है: 9897716054, 6398922025, 8279549870
सम्मान समारोह में सामाजिक कार्यकर्ता, पशु प्रेमी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
आयोजन में रही इनकी भागीदारी
कार्यक्रम में अतुल सिरोही, शांतनु बंसल, अंकित शर्मा, अयान जैन, प्रतिभा गोस्वामी, अंकुर गोस्वामी, दिशिता, शिल्पी चतुर्वेदी, वेदांशी, विहान चतुर्वेदी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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