सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं अब साल में दो बार कराएगा, अप्सा व छात्रों ने किया स्वागत
आगरा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2025-26 से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने का बड़ा निर्णय लिया है। अब छात्र फरवरी और मई, दोनों सत्रों में परीक्षा देने का विकल्प चुन सकते हैं। इस ऐतिहासिक बदलाव का उद्देश्य छात्रों के तनाव को कम करना और उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार का एक और अवसर देना है।
अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने सीबीएसई के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उनके अनुसार, दो बार परीक्षा होने से छात्र पहली परीक्षा में हुई गलतियों को सुधार सकते हैं और दूसरी बार बेहतर अंक प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। इससे छात्रों पर एक ही परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव कम होगा और वे बिना तनाव के अपनी तैयारी कर सकेंगे।
छात्रों ने भी इस बदलाव को सकारात्मक रूप में लिया है। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के दसवीं के छात्र अविरल जायसवाल ने कहा कि शुरू में उन्हें लगा कि दो बार परीक्षा देना और भी तनावपूर्ण होगा। लेकिन जब उन्होंने शांति से विचार किया तो समझ में आया कि दूसरी परीक्षा अनिवार्य नहीं है। यदि किसी कारणवश पहली परीक्षा में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, तो दूसरी बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देकर अपने परिणाम में सुधार किया जा सकता है। इससे आकस्मिक परिस्थितियों में भी छात्रों को नुकसान नहीं होगा।
इसी स्कूल की दसवीं की छात्रा नाइशा छोंकर ने कहा कि यह निर्णय छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब अगर फरवरी-मार्च में मुख्य परीक्षा में अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो मई में सुधार परीक्षा का विकल्प रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दोनों परीक्षाओं में से जिसमें अधिक अंक होंगे, वही अंतिम माने जाएंगे। दूसरी परीक्षा देना पूरी तरह वैकल्पिक है, जिससे छात्रों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं रहेगा।