आगरा में सशक्तिकरण का उत्सव: आगरा डेफ एनेबल सोसाइटी का 8वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से सम्पन्न
आगरा। बधिरजनों के सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए आगरा डेफ एनेबल सोसाइटी द्वारा रविवार को जनक पार्क में संस्था का आठवां स्थापना दिवस एवं नववर्ष समारोह अत्यंत हर्षोल्लास, सौहार्द और गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर आगरा के साथ-साथ गाजियाबाद, दिल्ली, फिरोजाबाद और मथुरा से आए बधिर प्रतिभागियों एवं गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस भव्य आयोजन में जनक पार्क विकास समिति का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा। समिति की ओर से प्रतिभागियों के लिए सप्रेम सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई तथा स्नेहस्वरूप उपहार भी भेंट किए गए। आगरा डेफ एनेबल सोसाइटी के सभी सदस्यों ने जनक पार्क विकास समिति के प्रति तहेदिल से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सरोज सिंह (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि बधिर व्यक्ति किसी भी रूप में कमज़ोर नहीं होते, वे सामान्य लोगों की तरह पूर्ण रूप से सक्षम हैं और समाज के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने बधिर बच्चों और युवाओं को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
समारोह के दौरान बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए मनोरंजक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पासिंग पिलो गेम के विजेता इस प्रकार रहे- महिला वर्ग में करिश्मा (प्रथम) और सुचित्रा (द्वितीय), बाल वर्ग में ज्ञान एवं फरहान, जबकि पुरुष वर्ग में पंकज विजेता रहे।
इस अवसर पर बधिर बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्हें यह संदेश दिया गया कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, अपने सपनों को साकार करें और समाज में अपनी पहचान बनाएं। कार्यक्रम ने बधिरजनों के आत्मबल और सामाजिक समावेशन को नई ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम में जनक पार्क विकास समिति के अध्यक्ष सी.ए. राकेश अग्रवाल, सचिव मोहित अग्रवाल, संरक्षक विनोद जैन, ओ.पी. अग्रवाल, संजीव अग्रवाल एवं महावीर बाबू की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वहीं आगरा डेफ एनेबल सोसाइटी की ओर से अंशु गुप्ता (सेक्रेटरी), रश्मि (अध्यक्ष), काजल (कोषाध्यक्ष), भारती (सदस्य) एवं जीतू ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
संस्था की ओर से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का सुंदर एवं संवेदनशील अनुवाद ललिता गुप्ता द्वारा किया गया, जिसे सभी ने सराहा।