डीईआई में फाउंडर्स डे 2026 का का आयोजन, परंपरा, नवाचार और समग्र शिक्षा का उत्सव

दयालबाग़ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का फाउंडर्स डे 2026 संस्थापक डॉ. मुकुंद बिहारी लाल साहब की दूरदर्शी शिक्षा-दृष्टि को समर्पित रहा। AYUSH OPD के शुभारंभ, ITEP की घोषणा, मजबूत रिसर्च कल्चर, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय छात्र उपलब्धियों और सस्टेनेबिलिटी पहलों के साथ यह आयोजन DEI को समग्र, नवाचारी और समाजोन्मुख शिक्षा का अग्रणी केंद्र सिद्ध करता है।

Jan 29, 2026 - 21:32
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डीईआई में फाउंडर्स डे 2026 का का आयोजन, परंपरा, नवाचार और समग्र शिक्षा का उत्सव
डीईआई के फाउंडर्स डे 2026 के मौके पर मौजूद शिक्षकगण।

संस्थापक डॉ. मुकुंद बिहारी लाल को श्रद्धांजलि, ओपन डे के रूप में मनाया गया कार्यक्रम

आगरा। दयालबाग़ के शांत वातावरण में स्थित दयालबाग़ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) में संस्थान का फाउंडर्स डे 2026 श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। यह दिवस संस्थान के संस्थापक निदेशक  डॉ. मुकुंद बिहारी लाल की स्मृति को समर्पित रहा। इस अवसर पर संस्थान की शैक्षणिक, शोध एवं नवाचार संबंधी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

डीईआई की शिक्षा नीति और एनईपी 2020 से जुड़ाव

कार्यक्रम में बताया गया कि डॉ. एमबी लाल साहब के मार्गदर्शन में वर्ष 1975 में लागू की गई डीईआई की शिक्षा नीति ने समग्र और मूल्य-आधारित शिक्षा की नींव रखी। इस नीति के कई सिद्धांत बाद में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सम्मिलित किए गए। एनईपी 2020 के अनुरूप संस्थान में अंडरग्रेजुएशन कार्यक्रम के चौथे वर्ष का संचालन भी किया जा रहा है।

छात्र सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियां

फाउंडर्स डे के अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति संगीत और नवाचार आधारित प्रदर्शन किए गए। एंटरप्रेन्योरशिप शोकेस और शैक्षणिक प्रदर्शनों के माध्यम से संस्थान की शैक्षिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया।

आयुष ओपीडी का उद्घाटन, बीएचएमएस का नया बैच शुरू

इस वर्ष संस्थान में आयुष फैकल्टी द्वारा संचालित विशेष ओपीडी का उद्घाटन किया गया। यह ओपीडी छात्रों एवं समुदाय के युवाओं के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके साथ ही बीएचएमएस का नया बैच भी प्रारंभ किया गया।

आईटीईपी से शिक्षक शिक्षा में नई पहल

संस्थान के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन द्वारा जुलाई 2026 से BSc-B.Ed. (सेकेंडरी स्तर) और BA-B.Ed. (मिडिल स्तर) के लिए इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम विषय ज्ञान के साथ प्रोफेशनल ट्रेनिंग, AI और आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग पर आधारित होगा तथा NEP 2020 के अनुरूप है।

रिसर्च, राष्ट्रीय परियोजनाएं और मान्यताएं

डीईआई में डीएसटी , डीआरडीओ, एमएनआरई, आईसीएसएसआर, नाबार्ड एवं टेक्सटाइल मंत्रालय द्वारा प्रायोजित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। संस्थान में अत्याधुनिक वर्चुअल लैब की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, DEI को AIU-DEI अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र, उन्नत भारत अभियान (UBA) के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।

स्किलिंग लैब और छात्र उपलब्धियां

सेंटर फॉर एप्लाइड रिसर्च एंड ट्रेनिंग (CART) में हाल ही में तीन नई स्पेशलाइज्ड स्किलिंग लैब स्थापित की गई हैं। इन लैबों का उद्देश्य व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों ने संस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए उपलब्धियां हासिल कीं।

मैनेजमेंट छात्रा मेहर मिधा ने क्विज़ एरेना 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पलक गुप्ता ने IEEE I’CEO 2025 में द्वितीय पुरस्कार जीता। DEI की टीम ने Google Cloud Gen AI Hackathon 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर जीत दर्ज की। संस्कृत शोधार्थी गुरु अभिलाषा को उज्जैन में विक्रम कालिदास पुरस्कार प्रदान किया गया। अन्वेषणा 2025-26 में DEI की चार टीमें भोपाल के राष्ट्रीय फाइनल तक पहुंचीं।

सस्टेनेबिलिटी और शैक्षणिक नवाचार

संस्थान द्वारा प्रिसिशन फार्मिंग, बायोडायवर्सिटी पार्क, डेयरी टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। ओपन बुक परीक्षा प्रणाली, समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल और सस्टेनेबिलिटी आधारित पाठ्यक्रम भी लागू किए गए हैं।

ओपन डे के रूप में आयोजन

इस वर्ष फाउंडर्स डे को ओपन डे के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदर्शनी, प्रोजेक्ट डेमो, विशेषज्ञ संवाद और नेटवर्किंग सत्र शामिल रहे। कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान और सामाजिक योगदान को प्रस्तुत किया गया।