आगरा में आध्यात्मिक प्रेम और शांति का उत्सव, ब्रह्माकुमारीज़ का 22वां वार्षिक समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न

आगरा। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा संचालित “गैलरी ऑफ स्पीरिचुअल लव एण्ड विज़्डम ” (आर्ट गैलरी म्यूजियम) का 22वां वार्षिक उत्सव गुरुवार को अत्यंत श्रद्धा, शांति एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर म्यूजियम परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में साधक, ब्रह्माकुमारीज़ भाई-बहन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Dec 18, 2025 - 12:59
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आगरा में आध्यात्मिक प्रेम और शांति का उत्सव, ब्रह्माकुमारीज़ का 22वां वार्षिक समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न
ब्रह्माकुमारीज़ के 22 वें वार्षिक समारोह में बोलतीं हुई अतिथि।

आगरा। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा संचालित “गैलरी ऑफ स्पीरिचुअल लव एण्ड विज़्डम ” (आर्ट गैलरी म्यूजियम) का 22वां वार्षिक उत्सव गुरुवार को अत्यंत श्रद्धा, शांति एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर म्यूजियम परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में साधक, ब्रह्माकुमारीज़ भाई-बहन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

उत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन सामूहिक राजयोग ध्यान से हुई, जिसमें सभी ने एकाग्रचित्त होकर आत्मिक शांति का अनुभव किया। इसके पश्चात परमात्मा के अव्यक्त महावाक्यों (मुरली) का पठन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को सकारात्मक ऊर्जा, दिव्य अनुभूति और मानसिक शांति से भर दिया। इसके बाद म्यूजियम का वार्षिक सामूहिक उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस  समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद मधु मौर्य (नगर निगम) एवं गंगा रतन होटल के मालिक मणि जी ने शिरकत की। दोनों अतिथियों ने म्यूजियम द्वारा दी जा रही आध्यात्मिक सेवाओं की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र समाज में नैतिक मूल्यों, शांति एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने म्यूजियम परिवार को 22वें वार्षिक उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

म्यूजियम इंचार्ज बीके मधु दीदी एवं माला दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में म्यूजियम की स्थापना, उद्देश्य एवं अब तक की सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह म्यूजियम आत्मिक प्रेम, ज्ञान एवं शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर बीके संगीता बहन, शीतल बहन एवं साधना बहन की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

कार्यक्रम के दौरान म्यूजियम के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए बताया गया कि इस आध्यात्मिक म्यूजियम की स्थापना 18 दिसंबर 2003 को हुई थी। स्थापना से पूर्व तत्कालीन जोन प्रभारी राजयोगिनी बीके विमला दीदी ने एक वर्ष तक अन्न का त्याग कर कठोर त्याग, तपस्या एवं साधना के बल पर इस दिव्य केंद्र की नींव रखी। इस म्यूजियम का उद्घाटन पूर्व राज्यपाल  विष्णुकांत शास्त्री द्वारा किया गया था तथा इसे पूर्व प्रशासनिक प्रमुख दादी प्रकाशमणि जी एवं दादी जानकी जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

उत्सव में अन्य सेवाकेंद्रों से पधारे दर्शन दीदी, ममता दीदी एवं विजेंद्र भाई की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनकी सहभागिता से कार्यक्रम और भी प्रेरणादायी एवं स्मरणीय बन गया। समापन पर सभी ने इस वार्षिक उत्सव को प्रेम, शांति, त्याग, तपस्या एवं आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संदेश देने वाला बताते हुए इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया।