ताजनगरी में कल से छठ महापर्व की धूम: यमुना घाटों से कॉलोनियों तक गूंजेंगे छठी मैया के जयकारे
आगरा। जय छठी मैया के स्वरों के साथ ताजनगरी में छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पवित्र सूर्य उपासना के इस अनूठे पर्व पर यमुना के घाटों पर लाखों दीप जलेंगे। व्रती महिलाओं का संकल्प और श्रद्धा-भक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा। नगर के प्रमुख घाटों और कॉलोनियों में व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनज़र समिति और प्रशासन एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और शांतिपूर्ण आयोजन मिल सके।
पर्व चार दिवसीयः हर दिन के कार्यक्रम
छठ महापर्व चार दिनों में संपन्न होगा। व्रत की परंपरा और कर्मकाण्ड का क्रम इस प्रकार रहेगा-
25 अक्टूबर (शनिवार) — नहाय-खाय: व्रती पवित्र स्नान कर शुद्ध आहार ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करेंगी।
26 अक्टूबर (रविवार) — खरना: संपूर्ण दिन निर्जला रहकर रात्रि में रोटी-खीर/पूड़ी-खीर का भोग लगेगा और व्रती अगली सुबह के लिए तैयार होंगे।
27 अक्टूबर (सोमवार) — संध्या अर्घ्य: अस्त होते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा; घाटों पर महिलाएँ व्रत की कठोरता के साथ सूर्य को नमन करेंगी।
28 अक्टूबर (मंगलवार) — उषा अर्घ्य और समापन: उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारायण व समापन होगा; श्रद्धालु पारिवारिक और सामुदायिक रूप से उत्सव मनाएंगे।
यमुना के प्रमुख घाटों पर विशेष व्यवस्था
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति की ओर से जानकारी दी गई है कि इस बार यमुना के प्रमुख घाटों पर व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। घाटों पर स्वच्छता, प्रकाश, आपातकालीन चिकित्सा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। घाटों के प्रमुख और व्यवस्था प्रभारी इस प्रकार हैं-
बल्केश्वर घाट (थाना कमला नगर): अखिलेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, राकेश शुक्ला, भोला प्रजापति, सतेंद्र सिंह, प्रभु प्रसाद।
रामबाग घाट: देवी प्रसाद पांडेय, दीपू सेनगर, अभय मिश्रा, नंदलाल यादव।
कैलाश घाट: मुन्ना मिश्रा, अनिल मिश्रा, डीएन दुबे।
दशहरा घाट: पंडित अश्वनी मिश्रा (व्यवस्था प्रमुख)।
पोइया घाट: तिलकधारी (व्यवस्था प्रमुख)।
हाथी घाट: पंडित अश्वनी मिश्रा (व्यवस्था प्रमुख)।
इन घाटों पर श्रद्धालुओं के प्रवेश-निर्गमन, शौचालय और पानी की सुविधाएं, प्राथमिक चिकित्सा कक्ष और पुलिस-निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कॉलोनियों और मंदिर परिसरों में भी भक्तिमय तैयारी
मुख्य घाटों के अतिरिक्त शहर की प्रमुख कॉलोनियों और मंदिर परिसरों पर भी छठ पूजा की तैयारियाँ जोरों पर हैं। कई कॉलोनियों में सामूहिक आयोजन और स्थानीय व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं ताकि लोग अपने निकटवर्ती स्थल पर ही श्रद्धा के साथ अर्घ्य दे सकें। प्रमुख व्यवस्था प्रभारी निम्नानुसार हैं-
गायत्री मधुसूदन सिटी पार्ट-1: पंडित अश्वनी मिश्रा, अरुण कुमार, गिरीश्वर महादेव मंदिर।
स्टेशन रोड (नामनेर): पंडित गोविंद जी दुबे, संतोष दुबे (व्यवस्था प्रमुख)।
गणपति स्मार्ट सिटी: दिवाकर नाथ त्रिपाठी (व्यवस्था प्रमुख)।
कॉलोनियों में भी स्पीकर व्यवस्थाएं, दीपदान के सुरक्षित स्थान और साफ-सुथरे पंक्चुअर (कोई प्रदूषण नहीं) के उपाय किए गए हैं ताकि स्थानीय व्रती और बुजुर्ग सहजता से पूजा-कर्म कर सकें।
श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का त्रिवेणी संयोग
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के संरक्षक अशोक कुमार चौबे ने बताया कि इस बार घाटों पर स्वच्छता, सुरक्षा और महिलाओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। नगर निगम, पुलिस प्रशासन, स्थानीय स्वयंसेवक और समिति मिलकर श्रद्धालुओं के लिए हर संभव इंतज़ाम कर रहे हैं। यातायात नियंत्रण, आपातकालीन चिकित्सा, पुलिस चौकियां और स्वयंसेवक गाइड व्यवस्था की गई है।
समिति ने सार्वजनिक रूप से अनुरोध किया है कि सभी नागरिक और श्रद्धालु, विशेषकर व्रती महिलाएं सुरक्षा के निर्देशों का पालन करें, निजी सामान-सामान की सुरक्षा रखें और घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें। स्वयंसेवक और प्रशासनिक टीम ने कहा है कि इस बार विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा तथा घाटों पर भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस तथा एनजीओ टीम तैनात की गई हैं।