ताज संरक्षित क्षेत्र में उद्योगों पर लगी बंदिशें हटाने की चैंबर ने उठाई मांग, मंडलायुक्त से मिले
आगरा। ताजमहल संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में औद्योगिक गतिविधियों पर लगी रोक के कारण जूझ रहे उद्योगों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। शुक्रवार को नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज आगरा का प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह से मिला और टीटीजेड के कारण उद्योगों पर लगी रोक हटाने की मांग की।
उद्योगों की हालत पर मंडलायुक्त ने जताई गंभीरता
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने मंडलायुक्त से कहा कि वर्ष 1995 में टीटीजेड घोषित होने के बाद उच्चतम न्यायालय के आदेशों से आगरा में नये उद्योग लगाना और विस्तार पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया। एलएमबी-6 श्रेणी में नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहे और न ही लोड बढ़ाया जा रहा है। इस वजह से आगरा औद्योगिक क्षेत्र देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में शुमार हो गया है।
मंडलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर बेहद गंभीर हैं और टीटीजेड में उद्योगों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रयासरत हैं।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का हवाला
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मनोज बंसल ने बताया कि हाल ही में आगरा नगर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में देशभर में तीसरे स्थान पर आया है। यह सिद्ध करता है कि वायु प्रदूषण की स्थिति पहले से ही नियंत्रण में थी और अब और बेहतर हुई है। ऐसे में उद्योगों पर टीटीजेड की बंदिशें बनाए रखना उचित नहीं है।
शहीद स्मारक से जुड़ी मांगें
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष और जनसम्पर्क प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष अग्रवाल ने शहीद स्मारक पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो को निःशुल्क करने और शहीदों की प्रतिमाओं के आगे विवरण पट्टिका लगाने की मांग रखी। मंडलायुक्त ने इन दोनों प्रस्तावों पर सहमति जताई और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुप्रीम कोर्ट में पैरवी से पहले उद्यमियों से मुलाकात की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता को पहले आगरा के उद्यमियों और व्यापारियों से मिलवाया जाए ताकि वह टीटीजेड की वजह से उत्पन्न वास्तविक कठिनाइयों को विस्तार से समझ सकें।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये सदस्य
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल और मनोज बंसल शामिल रहे।