चैंबर की मांगः खेती की वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाएं, स्टॉक रजिस्टर को डिजिटल मान्यता मिले

आगरा। नेशनल चैंबर सभागार में बीज एवं कीटनाशक दवा के थोक विक्रेताओं की बैठक में पेस्टीसाइड, स्प्रे पम्प और खाद पर लगने वाली जीएसटी दरों को कम करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

Sep 1, 2025 - 19:42
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चैंबर की मांगः खेती की वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाएं, स्टॉक रजिस्टर को डिजिटल मान्यता मिले
नेशनल चैंबर सभागार में सोमवार को हुई बीज और कीटनाशक दवा विक्रेताओं की बैठक में मौजूद कारोबारी और चैंबर के पदाधिकारी।

सदस्यों ने कहा कि वर्तमान में पेस्टीसाइड पर 18 प्रतिशत, स्प्रे पम्प पर 12 प्रतिशत और खाद पर 5 प्रतिशत जीएसटी लग रही है। पेस्टीसाइड किसानों के लिए अति आवश्यक है, लेकिन ऊंची दरों के कारण वे इसका पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे।

चैंबर ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन को पत्र भेजकर दरों में कमी की मांग की है। सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को लाल किले से दिए गए इस बयान का उल्लेख किया कि वे किसान हितों की रक्षा के लिए दुनिया के सामने दीवार बनकर खड़े रहेंगे और इस दीपावली पर जनता को जीएसटी में राहत देने वाले हैं।

चैंबर ने वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल की चेयरपर्सन से आग्रह किया कि आगामी बैठक में किसानों से जुड़ी इन मांगों को सम्मिलित करें ताकि देश भर के किसानों को राहत मिल सके।

साथ ही कृषि मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर सुझाव दिया गया कि डीलर सैम्पलिंग में यदि अमानक पाया जाता है तो कोर्ट में पार्टी निर्माता कंपनी को बनाया जाए, न कि विक्रेता को। इसके अलावा, डिजिटल युग को देखते हुए कंप्यूटराइज्ड स्टॉक रजिस्टर को वैधानिक मान्यता देने की मांग भी की गई।

बैठक में चैंबर के उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष व जनसंपर्क एवं समन्वय प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष अग्रवाल, डी.डी. शुक्ला, रविशंकर शर्मा, भूप सिंह, दिनेश कुमार, सुधीर मालपानी, विजय कुमार, किशन सिंह, सौरभ गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor