संभल जाने से चंद्रशेखर आजाद को रोका, बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
संभल। आजाद समाज पार्टी के नेता और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने हापुड़ में रोक दिया। वह संभल में मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। संभल में प्रशासन ने बाहरी लोगों और नेताओं की एंट्री पर पाबंदी लगा रखी है। संभल में धारा 163 लागू है। गौरतलब है कि संभल में बवाल के बाद एक दिसंबर तक बहारी व्यक्ति के संभल में प्रवेश पर रोक लगी है। बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि के प्रवेश पर लगाई गयी रोक अति संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उठाया कदम।
डीएम ने कहा कि कल से स्थितियां पूरी तरह सामान्य हैं। पूरी टीम ग्राउंड पर हैं, स्थितियां पूरी तरह सामान्य हैं। 19 नवंबर को सब शांतिपूर्ण तरीके से हुआ था। कल भी 10 बजे तक पूर्ण शांति थी। जैसे ही यह घोषणा हुई कि सर्वे समाप्त हो चुका है, इसके बाद पथराव शुरू हो गया। इसकी योजना रातों रात बनाई गई थी। इन्होंने अपने ही लोगों के उपर पत्थरबाजी की। घऱों से भी हथियार बरामद हुए हैं। 10-15 किमी के एरिया से लोगों को बुलाया गया था।
संभल पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया पर भी नजर रखे हुए है कि संभल हिंसा से जुडी कोई भी भड़काऊ पोस्ट य भड़काऊ वीडियो अपलोड करता है तो उसके एकाउंट के बारे में जानकारी निकाली जाए और तुरन्त उस एकाउंट से माहौल खराब करने वाला पोस्ट को हटाया जा सके।
यूपी पुलिस की सायबर टीम जहां हिंसा हुई है, वहां के बीते 24 घंटे का डंप डेटा निकाल रही है। जिससे ये पता चल सके कि हिंसा वाले कुछ घंटों में बाहर से कितने नम्बर उन जगह पर एक्टिव हुए और कितनी देर तक वो नंबर हिंसा वाली जगह पर रुके रहे।
इसके अलावा लोकल नम्बर की एक अलग लिस्ट तैयार की जा रही है और बाहर से आये नम्बरो की अलग लिस्ट बनाई जा रही है जिससे बाहर से आए लोगो से पूछताछ की जा सके, कि आप हिंसा वाली जगह पर क्या कर रहे थे, किससे मिलने आए थे, क्या कोई आपका रिश्तेदार रहता है। ऐसे तमाम सवाल करके सभी लोगो को वेरीफाई किया जा रहा है क्योंकि स्थानीय लोगों ने ऑफ कैमरा यही बताया है कि हिंसा करने वाले लोग बाहर से आए थे।
उधर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संभल में फायरिंग नहीं, मर्डर है। दोषी पुलिस वालों पर कार्यवाही हो। यूपी में कानून व्यवस्था है या नही ? हिंसा की निष्पक्ष जांच कैसे होगी, किस बुनियाद पर सर्वे किया गया है। संविधान के फंडामेंटर राइट्स पर उल्लंघन है दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। जिस पे चाहे कर लीजिए एफआईआर। जज, ज्यूरी आप हैं।
एसपी ने कहा कि संभल में धारा 163 लागू है। चप्पल जूतों के बीच से हथियार भी बरामद हुआ है। इससे पता चलता है कि उनका क्या उद्देश्य था। पत्थरबाजों की मंशा को पुलिस ने पूरा नहीं होने दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे भी ये शांति व्यवस्था कायम रहेगी। जियाउर्ररहमान बर्क को 167 बी का नोटिस दिया गया था। उन्होंने भीड़ को उकसाया था। उसी का कारण था कि एक साथ कई लोग आ गए। भीड़ की तरफ से फायर आया। 25 गिरफ्तारी हुई है। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। संभल में मामला कंट्रोल में है। इंटरनेट कल भी बैन रहेगा। चार लोगों की मौत हो चुकी है।