स्टाइल नहीं सोच बदलोः पर्सनैलिटी वर्कशॉप में फैशन और आत्मविश्वास के नए मायने सिखाए भावना सिंह ने  

आगरा। फैशन केवल पहनावे तक सीमित नहीं, यह सोच, आत्मविश्वास और जीवन की दिशा तय करने वाला दृष्टिकोण है। यही संदेश लेकर इमेज चेंजर एवं पर्सनैलिटी कोच भावना सिंह ने स्पाइसी शुगर संस्था की मास्टर क्लास में महिलाओं और युवतियों को एक नई दृष्टि दी। होटल आईटीसी मुगल में आयोजित इस इस वर्कशॊप में फैशन, स्टाइल, आत्मविश्वास, और  व्यक्तित्व परिवर्तन से जुड़ी अनेक व्यावहारिक तकनीकें साझा की गईं।

Jun 27, 2025 - 19:31
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स्टाइल नहीं सोच बदलोः पर्सनैलिटी वर्कशॉप में फैशन और आत्मविश्वास के नए मायने सिखाए भावना सिंह ने   
होटल आईटीसी मुगल में आयोजित स्पाइसी शुगर की मास्टर क्लास को संबोधित करतीं इमेज चेंजर एंड पर्सनैलिटी कोच भावना सिंह। चित्र में संस्था की अध्यक्ष पूनम सचदेवा भी हैं।

-स्पाइसी शुगर संस्था की मास्टर क्लास में महिलाओं को मिला आत्मबल, संकल्प और व्यक्तित्व संवारने का मंत्र

जीवन में अनुशासन और जागरूकता ही असली स्टाइल है

भावना सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोग सोचते हैं कि जिंदगी एक बार मिली है तो खाओ, पियो और जी लो, जबकि सोच यह होनी चाहिए कि एक ही बार जिंदगी मिली है, इसलिए उसे सहेजकर और सजाकर जियो। उन्होंने अनुशासन, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण को जीवन का मूलमंत्र बताया।

ब्रांड आप नहीं बनाते, आप ब्रांड बनते हैं

भावना सिंह ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि व्यक्तित्व केवल बाहरी प्रस्तुति नहीं, बल्कि आपकी आंतरिक सोच, स्पष्टता और दृढ़ता का प्रतिबिंब होता है। उन्होंने कहा कि  स्टाइल का दूसरा नाम कम्फर्टेबल नहीं बल्कि कॉन्फिडेंस है। ब्रांड आपकी पहचान नहीं बनाते, बल्कि आप खुद ब्रांड की पहचान बनते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत और अभिनंदन

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. रंजना बंसल और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में हुई।  इमेज चेंजर भावना सिंह का स्वागत हर्षित मेमोरियल दिव्यांग चैरिटेबल सोसाइटी के विशेष बच्चों ने अपने हाथों से बनाए गए कार्ड और पुष्प भेंट कर किया। नन्हीं कायनात की नृत्य प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।

संवाद के माध्यम से जुड़े प्रेरणा के सूत्र

संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने मंच पर भावना सिंह से प्रेरणादायक संवाद की शुरुआत की, जिसमें उनके जीवन संघर्षों, आत्म-निर्माण और विचार परिवर्तन की गहराइयों को सामने लाया गया। भावना सिंह ने बताया कि कैसे उन्होंने असफलताओं को आत्म-विश्लेषण और पुस्तकों के अध्ययन से आत्मबल में बदला।

व्यक्तित्व निखारने की व्यावहारिक तकनीकें सिखाईं

भावना सिंह ने सभी प्रतिभागियों को संवाद शैली में सुधार, बॉडी लैंग्वेज में आत्मविश्वास, सामाजिक व्यवहार की सजगता, और सकारात्मक छवि निर्माण की तकनीकें व्यावहारिक रूप से सिखाईं। उन्होंने बताया कि मोटिवेशन का सबसे बड़ा स्रोत स्वयं का आत्म-साक्षात्कार है।

महिलाओं को सशक्त बनाना स्पाइसी सुगर का उद्देश्य 

संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने बताया कि स्पाइसी शुगर का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक, और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि भावना सिंह जैसी प्रेरणादायक शख्सियत के साथ यह   सत्र एक नई सोच की दिशा देने वाला रहा।

कार्यक्रम में हास्य और कला का मेल

कार्यक्रम में शिल्पा माहेश्वरी ने झुमरीतलैया की बसंती की मिमिक्री कर सभी को गुदगुदाया। पावनी सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, और शिखा जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

मास्टर क्लास में ये रहीं मौजूद

इस अवसर पर डॉ. ज्योति उपाध्याय, रेनू लाम्बा, संगीता अग्रवाल, कविता अग्रवाल, कोमिला धर, आस्था अरोड़ा, अंशिका बंसल, अनीता, अंजलि, अंकिता अनु, बेला, हरबानी, बरखा, दिव्या, डॉली, गरिमा, गिन्नी, हरमीत, जसलीन, माधुरी, माला जसूजा, मनीषा, मंजू, मिनी, मोनिका, नूतन, पायल, पूजा, प्रीति, रानी, रश्मि, रितु, रोमा, शालिनी, सोनाली सहित शहर व अन्य जिलों की अनेक महिलाएं शामिल रहीं।

SP_Singh AURGURU Editor