विवि का छलेसर कैंपस बना रणक्षेत्र, छात्र का सिर फोड़ा, कुलपति ने एफआईआर और डिबार की कार्रवाई के दिए आदेश

आगरा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) के छलेसर कैंपस में बी-फार्मा छात्र आकाश पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बीटेक छात्र रविंद्र, आलोक और डी-फार्मा छात्र आकाश कई दिनों से उसे धमका रहे थे। गणेश मंदिर के पास हुई मारपीट में उसका सिर फट गया और पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। पीड़ित ने अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले का संज्ञान लेते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और दोषी छात्रों को विश्वविद्यालय से डिबार करने के निर्देश दिए हैं।

Mar 28, 2026 - 20:00
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विवि का छलेसर कैंपस बना रणक्षेत्र, छात्र का सिर फोड़ा, कुलपति ने एफआईआर और डिबार की कार्रवाई के दिए आदेश
घायल छात्र आकाश।

आगरा। आगरा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) के छलेसर कैंपस से छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। विश्वविद्यालय के बी-फार्मा छात्र आकाश, जो छलेसर स्थित बॉयज हॉस्टल में रहता है, ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल में रहने वाले बीटेक छात्र रविंद्र, आलोक और डी-फार्मा छात्र आकाश कई दिनों से उसे लगातार धमका रहे थे और जान से मारने की कोशिश कर रहे थे।

पीड़ित छात्र के मुताबिक, आरोपी छात्र पहले भी कई बार हॉस्टल के अन्य छात्रों के साथ गाली-गलौज, दबंगई और मारपीट जैसी हरकतें कर चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कई छात्रों को खुलेआम जान से मारने की धमकी भी दी थी। छात्र का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से इन छात्रों का आतंक बना हुआ था, लेकिन अब मामला खुलकर सामने आ गया है।

गणेश मंदिर के पास घेरकर की मारपीट, फूटा सिर

पीड़ित छात्र आकाश ने बताया कि आज आरोपियों ने मौका पाते ही उसे गणेश जी के मंदिर के पास घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में उसका सिर फट गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आकाश का कहना है कि घटना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। आरोपियों ने पहले उसे घेरा, फिर उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस हमले के बाद कैंपस और हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई।

सबसे अहम बात यह है कि घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई है, जिससे मामले के खुलासे और आरोपियों की पहचान में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

हॉस्टल में पहले से दबंगई, छात्रों को नीचे फेंकने तक की धमकी

पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया है कि आरोपी छात्र लंबे समय से हॉस्टल में दहशत का माहौल बनाए हुए थे। उन्होंने कई बार छात्रों के साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की और विरोध करने वालों को डराया-धमकाया। आकाश के अनुसार, इन छात्रों ने एक अन्य छात्र को हॉस्टल की बिल्डिंग से नीचे फेंकने तक की धमकी दी थी। इस तरह की धमकियों से हॉस्टल में रहने वाले कई छात्र सहमे हुए थे।

छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते इन पर कार्रवाई की जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली और हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पीड़ित ने वीडियो वायरल कर सुनाई आपबीती

मारपीट के बाद घायल छात्र आकाश ने घटना की जानकारी देते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में उसने आरोपियों के नाम लेकर पूरी घटना का जिक्र किया और बताया कि किस तरह उसे कई दिनों से निशाना बनाया जा रहा था।

वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया। छात्र संगठनों और कैंपस के अन्य छात्रों में भी नाराजगी बढ़ गई। सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

कुलपति प्रो. आशु रानी का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने तत्काल संज्ञान लिया है। कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित छात्र की ओर से तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाए और पूरे मामले में दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन अब आरोपित छात्रों के खिलाफ डिबार (निष्कासन) की कार्रवाई की तैयारी में है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित छात्रों को विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत है कि कैंपस में गुंडागर्दी और छात्र उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कैंपस सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय के हॉस्टल और कैंपस सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि जब आरोपियों के खिलाफ पहले से शिकायतें थीं, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि हॉस्टल में लगातार धमकियां, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाएं हो रही थीं, तो वार्डन, सुरक्षा कर्मियों और प्रशासन ने पहले हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?

छात्रों का कहना है कि कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी की नियमित मॉनिटरिंग और दबंग छात्रों पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।