चीन के कदम से हलचल, 53 देशों के लिए टैरिफ को किया जीरो, भारत और अमेरिका के लिए मैसेज
चीन ने एक बड़ा कदम उठाकर हलचल पैदा कर दी है। उसने तकरीबन सभी अफ्रीकी देशों के लिए टैरिफ हटाने का फैसला किया है। यानी अफ्रीकी देशों के आयात पर जीरो टैरिफ लगेगा। इस कदम से चीन की अफ्रीकी देशों में पैठ मजबूत होगी। इसे भारत और अमेरिका को मैसेज के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बीजिंग। चीन ने बड़ा कदम उठाया है। वह 1 मई से लगभग सभी अफ्रीकी देशों से आयात पर टैरिफ हटाएगा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीनी मीडिया को यह जानकारी दी है। यह कदम बीजिंग और महाद्वीप के बीच व्यापार और आर्थिक जुड़ाव को गहरा करने की उम्मीद से उठाया गया है। चीन पहले से ही 33 अफ्रीकी देशों से आयात के लिए जीरो-टैरिफ पॉलिसी ऑपरेट करता है। हालांकि, बीजिंग ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह उन सभी 53 अफ्रीकी देशों तक इस पॉलिसी का विस्तार करेगा जिनके साथ उसके राजनयिक रिश्ते हैं। चीन का यह कदम काफी अहम है। इसका भारत और अमेरिका से भी कनेक्शन है। दरअसल, यह ऐसे समय लिया गया है जब भारत कई देशों के साथ धड़ाधड़ ट्रेड डील करने में लगा है। इनमें अमेरिका और यूरोप के देश शामिल हैं।
चीन का ताजा कदम भारत के लिए एक मैसेज है। इससे चीन के रुख में बदलाव का संकेत मिलता है। यह दिखाता है कि आगे चीन अपनी ट्रेड पॉलिसी में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी लाने वाला है। भारत का चीन के साथ बहुत ज्यादा व्यापार घाटा है। चीन में आयात होने वाले भारतीय सामानों पर आमतौर पर 5% से 35% तक कस्टम ड्यूटी लगती है। इसके अलावा कुछ और तरह के टैक्स भी लगते हैं। भारत इस पर मोलभाव कर सकता है।
चीन के विस्तारित ढांचे के तहत इस्वातिनी को छोड़कर सभी अफ्रीकी देशों पर जीरो टैरिफ लागू होंगे। इस्वातिनी ताइवान के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखता है। चीन ताइवान को अपना मानता है। उस पर नियंत्रण कायम करने के लिए चीन ने बल इस्तेमाल की संभावना को कभी खारिज नहीं किया है।
चीन अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है। इसने अपनी बेल्ट एंड रोड पहल के जरिये पूरे महाद्वीप में बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब कई अफ्रीकी देश व्यापारिक संबंधों में डायवर्सिफिकेशन ला रहे हैं। यह विशेष रूप से तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल विश्व स्तर पर भारी टैरिफ लगाए। इस कदम के जरिये ट्रंप को भी मैसेज दिया गया है। मैसेज यह है कि दुनिया अमेरिका के बिना नए गठजोड़ बना सकती है।
शी जिनपिंग ने कहा है कि जीरो-टैरिफ व्यवस्था निश्चित तौर पर अफ्रीकी विकास के लिए नए अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने यह घोषणा तब की जब अफ्रीकी नेता इथियोपिया में सालाना अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन के लिए जुटे हुए थे।
टैरिफ-मुक्त पहुंच के विस्तार से अफ्रीका में चीन का आर्थिक प्रभाव मजबूत होगा। साथ ही, यह अफ्रीकी निर्यातकों के लिए व्यापार प्रवाह और बाजार पहुंच को भी बढ़ावा देगा।
यह पॉलिसी अफ्रीकी देशों के लिए चीन के साथ व्यापार करना आसान बना देगी। इससे उनके उत्पादों को चीनी बाजार में अधिक आसानी से प्रवेश मिलेगा। अफ्रीकी देशों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।