आगरा के जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बेपटरी, 4 महीने से वेतन न मिलने पर कर्मचारियों का काम ठप

आगरा। जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि करीब 15 सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है , जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

Dec 17, 2025 - 11:53
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आगरा के जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बेपटरी, 4 महीने से वेतन न मिलने पर कर्मचारियों का काम ठप
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आगरा। जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि करीब 15 सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है , जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था का जिम्मा ऑल ग्लोबल सर्विस नामक निजी कंपनी के पास है। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी उनकी मेहनत का पैसा दबाकर बैठी है, जबकि अस्पताल प्रशासन और सरकार की ओर से भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार कंपनी सरकार से पीएफ की रकम भी ले रही है, लेकिन वह पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं हो रहा है।

मामले में सीएमएस डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने भी कंपनी के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। सीएमएस ने साफ तौर पर कहा कि सफाई व्यवस्था को लेकर कंपनी मनमानी कर रही है। उन्होंने बताया कि कई बार कंपनी को कर्मचारियों का वेतन समय से देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने कंपनी से सफाई कर्मचारियों के पीएफ सर्टिफिकेट भी मांगे, लेकिन अब तक वह उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

सीएमएस ने यह भी स्वीकार किया कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर कंपनी पर कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है, बावजूद इसके हालात जस के तस बने हुए हैं। सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से वार्ड, ओपीडी, शौचालय और अन्य जगहों पर गंदगी बढ़ने लगी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के साथ-साथ साफ-सफाई सबसे जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों की अनदेखी और कंपनी की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रशासन खुद कंपनी की शिकायत कर रहा है, तो आखिर कब तक यह अव्यवस्था बनी रहेगी और कब सफाई कर्मचारियों को उनका हक मिलेगा।