सीएम योगी आदित्यनाथ का वृंदावन से संदेश- संभल से अयोध्या तक सनातन का शंखनाद, भारत के राजा केवल ‘राम’ हैं, मलूकदास जयंती के मंच से विरासत-सुरक्षा और एकता पर जोर

वृंदावन। संत मलूकदास की 452वीं जयंती के अवसर पर वृंदावन स्थित मलूक पीठ में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम उस समय ऐतिहासिक बन गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से संभल से अयोध्या तक सनातन पुनर्जागरण की सशक्त व्याख्या करते हुए स्पष्ट घोषणा की- “भारत के सनातन राजा केवल राम हैं, और कोई नहीं।”

Apr 7, 2026 - 20:05
Apr 7, 2026 - 20:06
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सीएम योगी आदित्यनाथ का वृंदावन से संदेश- संभल से अयोध्या तक सनातन का शंखनाद, भारत के राजा केवल ‘राम’ हैं, मलूकदास जयंती के मंच से विरासत-सुरक्षा और एकता पर जोर
वृंदावन स्थित मलूक पीठ में संत मलूकदास की 452वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। मंचस्थ हैं संतगण।

सीएम योगी का यह संबोधन केवल एक धार्मिक मंच का वक्तव्य नहीं, बल्कि सनातन अस्मिता, ऐतिहासिक संघर्ष और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण का स्पष्ट उद्घोष बनकर सामने आया।

संभल से अयोध्या तक इतिहास का संदर्भ, सनातन पुनर्जागरण का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में वर्ष 1526 का उल्लेख करते हुए कहा कि संभल में हरिहर मंदिर को बाबर के अनुयायियों द्वारा तोड़ा गया था, जहां 67 तीर्थ और 19 कूप विद्यमान थे। उन्होंने 1976 और 1978 के दंगों का भी जिक्र करते हुए कहा कि सैकड़ों हिंदुओं की जान गई और बाद में सपा की सरकार द्वारा मुकदमे वापस करा दिए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज वहां सड़क, धर्मशाला और परिक्रमा मार्ग का निर्माण हो रहा है। यह सनातन की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।

अयोध्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1528 में मंदिर तोड़ा गया, लेकिन 500 वर्ष पूरे होने से पहले ही हमने उसे पुनः प्राप्त कर लिया। आज अयोध्या का स्वरूप त्रेता युग की अनुभूति कराता है, जो संतों के संघर्ष और साधना का परिणाम है।

विकास तभी सार्थक, जब विरासत सुरक्षित

सीएम योगी ने कहा कि विकास और विरासत दोनों का संतुलन ही वास्तविक प्रगति है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले संकरी गलियां और अव्यवस्था थी, वहीं आज हजारों श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर पा रहे हैं।

उन्होंने महात्मा गांधी के 1916 के काशी दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि तब गंदगी और अव्यवस्था पर सवाल उठे थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

सनातन एकता ही सबसे बड़ी शक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की एकता ने 500 वर्षों का अयोध्या का कलंक मिटाया है और यदि पूरा सनातन समाज एकजुट हो जाए, तो कोई भी हिंदू विरोधी षड्यंत्र सफल नहीं हो सकता।

उन्होंने संत रामानंदाचार्य की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी परंपरा ने संत रैदास और संत कबीर जैसे महापुरुष दिए, और उसी की 22वीं पीढ़ी में संत मलूकदास जी का प्राकट्य हुआ, जिन्होंने कठिन काल में जनचेतना को जागृत किया।

रामलीला और कथा परंपरा: जनचेतना का आधार

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर भारत में होने वाली रामलीलाएं सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण हैं, जहां जाति-पंथ का कोई भेद नहीं होता। उन्होंने बताया कि संत तुलसीदास द्वारा प्रारंभ की गई यह परंपरा आज भी जनमानस को जोड़ने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि भले ही फिल्में कुछ दिनों में भुला दी जाती हैं, लेकिन भारत की कथा परंपरा- चाहे वह राम कथा हो, भागवत हो या शिव महापुराण, आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करते हैं।

मलूकदास जयंती: भक्ति से राष्ट्रचेतना तक

सीएम योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर शाम करीब 4:15 बजे वृंदावन के पवनहंस हेलीपैड पर उतरा। वहां से वे सीधे मलूक पीठ पहुंचे। उनके आगमन से पूर्व मथुरा में तेज आंधी और बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर टेंट उड़ गए थे, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

कार्यक्रम में आश्रम के महंत राजेंद्र दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें श्रीनाथ जी की छवि भेंट की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच पर उपस्थित संतों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

SP_Singh AURGURU Editor