सीएम योगी ने खिलाड़ियों को दिए सौगात, किसी इवेंट में शामिल होने की छुट्टी भी ड्यूटी मानी जाएगी

 उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में चार अहम फैसलों को हरी झंडी प्रदान की।

Dec 2, 2025 - 16:22
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सीएम योगी ने खिलाड़ियों को दिए सौगात, किसी इवेंट में शामिल होने की छुट्टी भी ड्यूटी मानी जाएगी


लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई अहम प्रस्ताव पास किए गए। इनमें से एक प्रस्ताव अयोध्या को विश्व स्तर पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी के तौर पर विकसित के संबंध में भी रहा। योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए टाटा संस के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित वर्ल्ड क्लास 'मंदिर संग्रहालय' का दायरा और बड़ा कर दिया है। इसके अलावा बरेली और कानपुर में दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी,अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के नियुक्त खिलाड़ियों को राहत और राज्य के हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अयोध्या में एक विशाल मंदिर संग्रहालय बनाया जाएगा। इस संबंध में टाटा संस ने अपने सीएसआर फंड से संग्रहालय विकसित करने और उसकी देख-रेख का प्रस्ताव रखा था। संग्रहालय निर्माण के लिए कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी इस एसपीवी में शामिल रहेंगे। संग्रहालय के लिए, जमीन के आवंटन को लेकर केंद्र, यूपी सरकार और टाटा संस के बीच 3 सितंबर 2024 को ही एमओयू साइन हो चुका है।  
 
सुरेश खन्ना के मुताबिक, संग्रहालय के लिए यूपी सरकार की तरफ से अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में पहले 25 एकड़ नजूल जमीन 90 साल के लिए देने का प्रस्ताव था। हालांकि, संग्रहालय के भव्य स्वरूप को देखते हुए इस जमीन के अलावा 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि का निशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की तरफ पर्यटन विभाग को किया जाएगा। ऐसी स्थिति में कुल 52.102 एकड़ भूमि पर यह संग्रहालय बनाया जाएगा। संग्रहालय के बनने से अयोध्या को एक बड़ी सांस्कृतिक पहचान मिलने के साथ ही यहां बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध होंगे।

यूपी कैबिनेट की बैठक में शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो अहम पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें बरेली और कानपुर नगर निगम क्षेत्र शामिल हैं। इन दोनों शहरों में अटल नवीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन-अमृत 2.0 के अंतर्गत 582.74 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इनसे दोनों शहरों की एक बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा।

योगी सरकार की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को भी कैबिनट बैठक में एक बड़ी राहत दी गई। सरकार की तरफ से पास किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल इवेंट, ट्रेनिंग कैंप या इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहने और आने-जाने के दौरान उनकी पूरी ड्यूटी मानी जाएगी। मतलब साफ है कि कोई नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय इवेंट और ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेगा, तो यह अवधि उसकी ड्यूटी मानी जाएगी। इसमें आने-जाने का वक्त भी शामिल रहेगा। इस फैसले से, इवेंट के लिए अनुमति लेने में अब खिलाड़ियों को आसानी होगी।

सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला दिव्यांगों के लिए भी लिया गया। कैबिनेट बैठक में उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई, जिसके तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) खोले जाएंगे। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में ये केंद्र पहले से चल रहे हैं। दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी तरह की कोई समस्या ना आए, इसलिए यह बड़ा फैसला लिया गया है।