आगरा नगर निगम में टकरावः जनहित की अनदेखी पर महापौर का नगर आयुक्त को अल्टीमेटम

आगरा। जनहित के कार्यों में लगातार हो रही ढिलाई और पार्षदों के प्रस्तावों की अनदेखी अब आगरा नगर निगम में सियासी भूचाल की वजह बन गई है। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें पत्र लिखकर चेताया है, यदि दो दिन में जवाब नहीं मिला तो नगर निगम का विशेष अधिवेशन बुलाया जाएगा।

May 8, 2025 - 20:01
 0
आगरा नगर निगम में टकरावः जनहित की अनदेखी पर महापौर का नगर आयुक्त को अल्टीमेटम

-पत्र लिखकर चेताया- दो दिन के अंदर उनके द्वारा मांगी गई जानकारियां उपलब्ध करायें नहीं तो नगर निगम का अधिवेशन बुलाया जाएगा

यह है मामला

महापौर ने नगर आयुक्त को 30 अप्रैल, 25 अप्रैल, और 9 सितंबर 2024 को लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पार्षदों के क्षेत्रों में नाला, फर्श निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। अभिलेख और कार्य योजना की फाइलें मांगने के बावजूद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गईं।

विशेष अधिवेशन बुलाने की तैयारी

आक्रोशित पार्षदों की मांग पर महापौर ने निर्देश दिए हैं कि दो दिन में नगर आयुक्त मांगी गई जानकारी दें, ताकि विशेष अधिवेशन की तारीख तय की जा सके। प्रस्तावित अधिवेशन में निम्न मुद्दों पर चर्चा होगी-

वित्तीय वर्ष 2024-25 में कितनी निधि मिली, कितना खर्च हुआ, कितना शेष है?, उद्यान विभाग ने अब तक क्या काम किया?, 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना और नाला मरम्मत की स्थिति क्या है?, कार्यकारिणी समिति की बजट बैठक का कार्यवृत्त क्यों नहीं साझा किया गया?

महापौर का सख्त रुख

महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा है कि निर्वाचित पार्षदों की उपेक्षा और जनहित कार्यों में सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासनिक लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor