आगरा में देवी श्री नारायणी की शोभायात्रा में दिखा आस्था और सांस्कृतिक विरासत का संगम
आगरा। यमुना किनारे से मोती कटरा तक बुधवार को देवी श्री नारायणी की भव्य शोभायात्रा आस्था, संस्कृति और एकजुटता की मिसाल बन गई। माँ नारायणी के जयकारों और भजनों की स्वर लहरियों से गूंजते मार्ग पर श्रद्धालु झूमते-नाचते आगे बढ़ते रहे। यात्रा का शुभारंभ कामाख्या देवी मंदिर से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश और समाजसेवी सोनू शर्मा ने आरती कर किया।
शोभायात्रा संयोजक पवन सिंह ने बताया कि शुक्ल पक्ष की एकादशी को बच्चों को संस्कारवान बनाने और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से यह शोभायात्रा पिछले 26 वर्षों से आयोजित की जा रही है। यात्रा कामाख्या देवी मंदिर से प्रारंभ होकर दरेसी, सुभाष बाजार, रावतपाड़ा, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, घटिया आज़म खां, फुलट्टी बाजार होते हुए मोती कटरा स्थित सत्यनारायण नारायणी देवी मंदिर तक पहुंची।
अध्यक्ष रामचरन सिंह ने बताया कि यात्रा में 51 झांकियां शामिल थीं, जिनमें गणेशजी, अष्टभुजी मां दुर्गा, श्री बांके बिहारी, मां नारायणी स्वरूप, खाटू श्याम, अर्धनारीश्वर, शिव परिवार, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, सेन महाराज, ऑपरेशन सिंदूर और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की झांकियां प्रमुख आकर्षण रहीं। मार्ग में करीब 18 स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।
समापन अवसर पर वृद्धजनों और सविता सेन समाज के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संरक्षक पार्षद अरविंद मथुरिया, पार्षद शेर सिंह, संयोजक सतीश कुमार, महामंत्री संजीव मथुरिया, कोषाध्यक्ष कुलदीप सविता, मेला अध्यक्ष राजू ठाकुर, व्यवस्थापक जितेंद्र सविता, गौरव नंद, विजेंद्र सिंह, अतुल ठाकुर, सौरभ सविता, जगदीश नारायण, लाल बहादुर, अंगेश वर्मा, विकास, रंजीत आदि मौजूद रहे।