चिकित्सा ज्ञान, संवेदना और सहयोग का संगम: डॉक्टर्स डे पर आईएमए का आयोजन बना प्रेरणा की मिसाल
आगरा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), आगरा शाखा द्वारा डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम ने न केवल चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञानवर्धन का वातावरण बनाया, बल्कि डॉक्टरों के आपसी संवाद, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी के नए अध्याय भी जोड़े। फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में हुए इस आयोजन में 250 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया और चिकित्सा के विविध पहलुओं पर गहन मंथन किया।
मुख्य अतिथि के रूप में एसएन मेडिकल कॊलेज के प्रिंसिपल डॊ. प्रशांत गुप्ता और न्यूरोसर्जन प्रो. आरसी मिश्रा मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में डॊ. अर्पिता सक्सेना द्वारा तैयार की गई आईएमए मैगजीन का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम विभिन्न सत्रों में चला, जिसमें विशेषज्ञों के व्याख्यान हुए।
वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शम्मी कालरा एवं डॉ. जेएन टंडन ने बताया कि बुजुर्गों में संक्रमण, हड्डी क्षय, मधुमेह और अवसाद जैसी बीमारियों को समय रहते रोका जा सकता है, बशर्ते नियमित जांच, स्क्रीनिंग और जीवनशैली में सुधार हो।
आईसीयू और सेप्सिस की चुनौती
डॉ. अंकुर गोयल एवं डॉ. राकेश भाटिया ने बताया कि आईसीयू में सेप्सिस मृत्यु का प्रमुख कारण है, जिसे समय पर पहचान और प्रोटोकॉल आधारित उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. मिहिर गुप्ता, डॉ. राजीव बंसल, डॉ. नीरज बसंतानी, डॉ. तरुण मित्तल, डॉ. अमित नारायण ने आईसीयू देखभाल को बहुविषयक दृष्टिकोण से देखने पर बल दिया।
सर्जरी में सावधानी
डॉ. करन रावत, डॉ. समीर कुमार, डॉ. अंकुर बंसल ने बताया कि ऑपरेशन से पहले की तैयारी और सेप्टिक प्रोटोकॉल का पालन सर्जिकल जटिलताओं को रोकने में सहायक है।
बाल यौन शोषण: एक चिकित्सकीय दृष्टिकोण
डॉ. मुकेश भारद्वाज ने इसे केवल कानूनी नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना का विषय बताया। स्वाति द्विवेदी और डॉ. सीमा सिंह ने बच्चों को न्याय और सहयोग दिलाने में चिकित्सकों की भूमिका पर बल दिया।
मेडिको-लीगल जानकारी
डॉ. संगीता चतुर्वेदी और डॉ. विद्या शेट्टी ने केस रिकॉर्ड, सहमति पत्र और दस्तावेजों की कानूनी महत्ता पर प्रकाश डाला। डॊ. विद्या शेट्टी का विषय युवा डॊक्टरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी था।
हृदय रोग और रोकथाम
डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय पर जांच हृदय रोगों से बचाव में कारगर हैं। डॉ. पुनीत गुप्ता ने कहा कि अब हृदय रोगों के संपूर्ण इलाज की सुविधाएं आगरा में उपलब्ध हैं।
कैंसर की नई स्क्रीनिंग गाइडलाइंस
डॉ. नवनीत अग्रवाल, डॉ. सुरभि गुप्ता, डॉ. संदीप अग्रवाल ने आधुनिक स्क्रीनिंग विधियों की जानकारी दी और बताया कि जागरूकता से शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता लगाकर इलाज संभव है।
ट्रॉमा के समय जीवन कैसे बचाएं
डॉ. रनवीर त्यागी एवं डॉ. संजय चतुर्वेदी ने रोड एक्सीडेंट और आपात स्थितियों में इमरजेंसी डॉक्टर, सर्जन, ऑर्थो व न्यूरो विशेषज्ञों के समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन बना प्रेरणा का स्रोत
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित ने कहा कि यह आयोजन ज्ञान, संवाद और सामाजिक सरोकारों की त्रिवेणी बन गया। साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. दीप्तिमाला ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी को आयोजन की सफलता का आधार बताया। डॉ. पंकज नगायच ने इसे आईएमए का ऐतिहासिक प्रयास करार दिया।
1 जुलाई को होगा समापन
डॉ. अमिता सिंह ने जानकारी दी कि 1 जुलाई को सूरसदन में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें डॉक्टर अभिनय, गायन, शायरी और नृत्य प्रस्तुत कर समाज को यह संदेश देंगे कि चिकित्सक केवल इलाजकर्ता नहीं, बल्कि संवेदनशील मनुष्य भी हैं।