आगरा के स्वामी टेऊंराम आश्रम में अमेरिका से आए संत नरेश लाल के प्रवचनों से भक्ति में डूबी संगत
आगरा। स्वामी टेऊंराम आश्रम, केदार नगर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से ओतप्रोत कीर्तन–सत्संग का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। अमेरिका के संत नरेश लाल का आगमन संगत के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा। आश्रम परिसर में उनके स्वागत में सतनाम साक्षी की गूंजती जय-जयकार से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।
संत श्री नरेश लाल ने अपने ओजस्वी, सरल और हृदयस्पर्शी प्रवचन में सतगुरु की महिमा, नाम-स्मरण की शक्ति और सेवा-भाव के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतगुरु के मार्गदर्शन में किया गया नाम-सिमरन जीवन को दिशा देता है और सेवा-भाव मनुष्य को आत्मिक शांति की ओर ले जाता है। उनके वचनों ने संगत को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया और सदाचार, संयम व प्रेम को जीवन में अपनाने का सशक्त संदेश दिया। कीर्तन के दौरान संगत भावविभोर होकर झूम उठी और आश्रम प्रांगण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में आश्रम की मुख्य सेविका दीदी भगवंती साजनानी ने भी अपने प्रेरक और भावपूर्ण प्रवचन से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सत्संग, सिमरन और सत्कर्मों के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु गहरे भाव में डूब गए।
पूरे सत्संग के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और एकात्मता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। अंत में आरती एवं “सतनाम साक्षी” की जय-जयकार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संगत ने इस आध्यात्मिक अनुभव को अपने जीवन का स्मरणीय क्षण बताया।
इस अवसर पर समाजसेवी श्याम भोजवानी, विनोद साजनानी, काली भाई, जगदीश भाई, जैकी, ललित, अमित, कमल, अनिल, किशोर, कृष, निर्मला लालवानी, चांदनी भोजवानी, वर्षा वंजानी, सारिका, पूजा, रेखा, चंद्रा, कोमल, पूजा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।