आगरा में जुझारू अध्यक्ष दिए हैं कांग्रेस ने, पार्टी को खड़ा करने की जिम्मेदारी
आगरा। कांग्रेस ने देर से ही सही, लेकिन जुझारू अध्यक्ष आगरा में दिए हैं। जिलाध्यक्ष पद पर रामनाथ सिकरवार और शहर अध्यक्ष के रूप में अमित सिंह की नियुक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस जिले के अंदर प्रभावी स्थिति में नजर आएगी।
कांग्रेस के नये जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार के जुझारूपन से हर कोई अवगत है। वे सेल्फ मेड हैं। जनता की समस्याओं के निदान के लिए उन्होंने लक्ष्मण सेना बनाई थी। लोगों को जोड़ा तो खेरागढ़ क्षेत्र में लक्ष्मण सेना का असर दिखने लगा। खेरागढ़ क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य की दो सीटें भी जीत लीं।
रामनाथ सिकरवार ने 2022 में कांग्रेस के टिकट पर खेरागढ़ से विधान सभा का चुनाव लड़ा। सिकरवार ये चुनाव हार गये थे, लेकिन उन्होंने विधायक चुने गए भाजपा के भगवान सिंह कुशवाह के समक्ष बहुत तगड़ी चुनौती पेश की थी। 30 हजार मतों के अंतर से रामनाथ सिकरवार चूक गये थे।
2022 के विधान सभा चुनाव में जबकि पूरे प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था, आगरा की खेरागढ़ सीट पर रामनाथ सिकरवार को मिली दूसरे नंबर की स्थिति ने कांग्रेस के बड़े नेताओं का ध्यान उनकी ओर खींचा। रामनाथ सिकरवार उस समय कांग्रेस के बड़े नेताओं के आंखों का तारा बन गये थे जब चुनाव के लिए पार्टी द्वारा भेजी सहयोग राशि में बचे पैसे वे कांग्रेस मुख्यालय जाकर वापस लौटा आये थे।
कांग्रेस ने इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी रामनाथ सिकरवार पर दांव खेला। उन्हें फतेहपुरसीकरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। रामनाथ सिकरवार ने इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राज कुमार चाहर को जिस तरह की टक्कर दी, उसने उनका कद और बढ़ा दिया। चाहर पिछला चुनाव लगभग पांच लाख लोगों से वोटों से जीते थे। इस चुनाव में उनकी जीत सिमटकर 50 हजार से नीचे आ गई थी। रामनाथ सिकरवार ने इस मुकाबले को इतना नजदीकी बना दिया था कि बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषक भी नहीं बता पा रहे थे कि जीत किसकी होगी।
कांग्रेस को शायद आगरा जिले के लिए ऐसे ही जुझारू चेहरे की तलाश थी जो ग्रामीण अंचल में पार्टी को खड़ा कर सके। रामनाथ सिकरवार के कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनने के बाद पार्टीजनों को भी उम्मीद बंधी है कि आगरा जिले के ग्रामीण अंचल में पार्टी पुरानी स्थिति में लौट सकती है।
शहर अध्यक्ष अमित भी हैं जुझारू चेहरा
कांग्रेस के नये शहर अध्यक्ष अमित सिंह भी कांग्रेस का जाना पहचाना जुझारू चेहरा हैं। अमित सिंह ने कांग्रेस में राजनीति की शुरुआत एनएसयूआई से की थी। एनएसयूआई में पद संभालने के दौरान अमित सिंह की इतनी अधिक सक्रियता रही कि भुलाई जा चुकी एनएसयूआई एक बार फिर से चर्चाओं में आ गई थी।
अमित सिंह की छवि संघर्षशील नेता की बनी तो पार्टी ने उन्हें आगरा में शहर कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया। उनके पिछले कार्यकाल को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें फिर से इस पद पर रिपीट किया है। अब अमित सिंह पर महानगर के अंदर कांग्रेस के पुराने वैभव को लौटाने की जिम्मेदारी है। देखना है कि अमित सिंह पार्टी नेतृत्व की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।