आगरा कॉलेज के खेल मैदान पर मेट्रो का निर्माण अवैध, प्रबंधतंत्र ने हस्तांतरित नहीं की है जमीन

आगरा। आगरा मेट्रो द्वारा आगरा कॉलेज की स्वामित्वाधीन भूमि पर अनधिकृत कब्ज़ा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। आगरा कॊलेज के जिस खेल मैदान पर मेट्रो का स्टेशन बन रहा है, उसके बारे में आगरा कॊलेज प्राचार्य का कहना है कि कॊलेज प्रबंधतंत्र द्वारा आगरा मेट्रो को जमीन हस्तांतरण का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। खेल मैदान की जमीन पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर लिया गया है।

Jul 9, 2025 - 18:51
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आगरा कॉलेज के खेल मैदान पर मेट्रो का निर्माण अवैध, प्रबंधतंत्र ने हस्तांतरित नहीं की है जमीन
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को आगरा कॊलेज की भूमि पर आगरा मेट्रो द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण कार्य के बारे में बताते प्रिंसिपल प्रो.सीके गौतम और अन्य शिक्षक।

-कॊलेज प्रिंसिपल और शिक्षकों ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात, कॉलेज ट्रस्ट की ज़मीन को गाटा 286 बताकर छुपाया जा रहा अवैध कब्ज़ा

इस बात का खुलासा होने पर कॉलेज प्रशासन और शिक्षकगण में तीव्र आक्रोश है। इस प्रकरण को लेकर कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम के नेतृत्व में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तुरंत कार्यवाही की मांग की।

गाटा संख्या 281-282 पर कब्जा, गाटा 286 बताकर भ्रम फैला रही मेट्रो

प्राचार्य प्रो. सीके गौतम ने मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री को बताया कि गाटा संख्या 281 और 282, जो कि आगरा कॉलेज ट्रस्ट के स्वामित्व की भूमि है, उसे मेट्रो प्राधिकरण जानबूझकर गाटा संख्या 286 बता रहा है, जबकि वास्तविक कब्जा और निर्माण कार्य गाटा 281 व 282 पर ही हो रहा है, जो कि कॉलेज का पंजीकृत खेल मैदान है और राजकीय अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस भूमि के हस्तांतरण के लिए कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है और कॉलेज को इस भूमि के बदले कोई मुआवजा भी नहीं मिला है।

कॉलेज ट्रस्ट की भूमि पर अवैध कब्जा, राज्य सरकार का अधिकार नहीं

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि आगरा कॉलेज की भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व में नहीं, बल्कि आगरा कॉलेज ट्रस्ट के अंतर्गत आती है। अतः किसी भी सरकारी एजेंसी अथवा आगरा मेट्रो को इस भूमि पर किसी प्रकार का स्वामित्व या अधिग्रहण का वैधानिक अधिकार नहीं है।

मेट्रो प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा निर्माण पूर्णतः अवैध, गैरकानूनी और शैक्षणिक स्वायत्तता का उल्लंघन है। कॉलेज प्रशासन ने मांग की कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए।

शैक्षणिक गरिमा और छात्रहित पर सीधा आघात

प्राचार्य प्रो. गौतम ने कहा कि यह मामला केवल जमीन कब्जे का नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्था की गरिमा और छात्रों के हितों पर सीधा हमला है। खेल मैदान के समाप्त होने से छात्रों के शारीरिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

मंत्री का आश्वासन: जल्द होगी संयुक्त बैठक

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और शीघ्र ही सर्किट हाउस में प्रशासन, मेट्रो प्राधिकरण व संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित कर इस समस्या के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये शिक्षक शामिल थे

प्रो. सीके गौतम, प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. पूनम चांद, प्रो. जयश्री भारद्वाज, प्रो. संध्या यादव, प्रो. विजय कुमार सिंह, प्रो. अशोक कुमार सिंह, प्रो. दीपक उपाध्याय, डॉ. गौरव कौशिक, प्रो. दिग्विजय पाल सिंह, प्रो. अमित चौधरी, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. उमाकांत चौबे, प्रो. शोभनाथ जैसल, प्रो. अमरनाथ, प्रो. सुधेन्द्रनाथ, डॉ. सुरेन्द्र पाल सिंह और पंकज सक्सेना (एडवोकेट) सहित अन्य शिक्षकों ने भी इस गंभीर मुद्दे पर चिंता व्यक्त की।

SP_Singh AURGURU Editor