पटाखा फोड़ने पर विवादः  बिचपुरी में एक परिवार पर बोला गया हमला, पथराव, पुलिस सुस्त रही

आगरा। दीवाली की रात बिचपुरी में आतिशबाज़ी का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। पड़ोसियों द्वारा घर के सामने पटाखे जलाने से मना करना इतना नागवार गुज़रा कि मामला हिंसा में बदल गया। आरोप है कि दबंगों ने घर पर पथराव किया, ईंटें फेंकीं, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और जान से मारने की कोशिश की। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी चौकी और थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

Oct 21, 2025 - 12:52
Oct 22, 2025 - 00:04
 1
पटाखा फोड़ने पर विवादः  बिचपुरी में एक परिवार पर बोला गया हमला, पथराव, पुलिस सुस्त रही
बिचपुरी में हुई क्लेश का एक चित्र।

पटाखे बुझाना पड़ा महंगा, गुस्से में उतरे पड़ोसी

जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी सपना वर्मा के अनुसार, सोमवार की रात करीब 11 बजे उनके घर के सामने पड़ोसी हेमंत पटाखे जला रहा था। परिवार ने घर के सामने आतिशबाज़ी करने से मना किया। जब बच्चों ने पटाखे में लगी आग बुझा दी, तो हेमंत भड़क उठा। उसने अपने भाइयों नरेंद्र और उपेंद्र को बुलाया, जो अपने साथ कई अन्य लोगों को लेकर आए और घर पर पथराव शुरू कर दिया।

कमरे में बंद होकर बचाई जान

हमले के दौरान सपना वर्मा के रिश्तेदार भी घर पर मौजूद थे। ईंट-पत्थरों की बरसात के बीच सभी ने किसी तरह एक कमरे में खुद को बंद कर जान बचाई। बताया गया कि इस दौरान महिला और उसकी बेटी घायल हो गईं। परिवार ने कमरे के अंदर से ही 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिस पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन थाना और चौकी पुलिस नहीं आई।

एफआईआर के लिए थाने के चक्कर

112 कर्मियों ने पीड़ित परिवार को कहा कि थाने जाकर प्रार्थना पत्र दें। सपना वर्मा देर रात ही थाना पहुंचीं और तहरीर दी, लेकिन सुबह 11 बजे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद है, मगर हमलावरों ने कैमरे भी तोड़ दिए।

सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिचपुरी में चौकी होते हुए भी चौकी प्रभारी तक मौके पर नहीं पहुंचे। इतना गंभीर मामला होने के बावजूद पुलिस का यह रवैया कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है।

दीवाली की रात जब पूरा शहर रोशनी में नहाया हुआ था, बिचपुरी में एक परिवार अंधेरे में डर के साए में बैठा था। फायरवर्क्स क्लैश ने न केवल पड़ोसी विवाद को हिंसक बना दिया, बल्कि आगरा पुलिस की संवेदनहीनता को भी उजागर कर दिया जहां “फास्ट रिस्पॉन्स” सिर्फ़ नारे में रह गया।

SP_Singh AURGURU Editor