राष्ट्रपति को लेकर सोनिया के कमेंट पर विवाद, ऱाष्ट्रपति भवन ने अस्वीकार्य बताया
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आगाज आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हो गया। हालांकि, सत्र के पहले ही दिन एक बड़ा विवाद सामने आया जब सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर एक कमेंट किया। सोनिया गांधी ने कहा, 'बहुत थकी हुई लग रही थीं, बेचारी'। यह गरीब महिला (पुअर लेडी) बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर सवाल खड़े किए। वहीं राष्ट्रपति भवन ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू के संसद में अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को अस्वीकार्य करार दिया। इससे राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंची है।
इतिहास में पहली बार इतनी घटिया टिप्पणी
भाजपा ने कहा कि भारत के इितहास में पहली बार किसी राष्ट्रपति के लिए इतनी घटिया टिप्पणी की गई है। नरेंद्र मोदी ने कहा, "शाही परिवार के एक सदस्य ने कहा कि आदिवासी बेटी ने बोरिंग भाषण दिया। दूसरी सदस्य तो इससे भी एक क़दम आगे बढ़ गईं। उन्होंने राष्ट्रपति को पुअर थिंग कहा। ग़रीब कहा. थकी हुई कहा. ये देश के 10 करोड़ आदिवासी भाई बहनों का अपमान है। ये देश के हर ग़रीब का अपमान है। जो लोग ज़मीन से उठकर आते हैं, उनको कांग्रेस का शाही परिवार बिलकुल पसंद नहीं करता।"
ऐसी टिप्पणियां गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है- राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, 'ऐसा हो सकता है कि ये नेता 'हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श' से वाकिफ नहीं हों, इसलिए इस तरह की गलत धारणा बना ली। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'किसी भी मामले में, ऐसी टिप्पणियां गलत, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य हैं।' पूरा मामला तब सामने आया जब राष्ट्रपति ने संसद की संयुक्त बैठक में अपना अभिभाषण समाप्त किया। इसी के तुरंत बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को अभिभाषण पर टिप्पणी करते देखा गया।
राष्ट्रपति के संबोधन पर सोनिया गांधी ने किया 'पुअर लेडी' कमेंट
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में सोनिया गांधी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया, 'राष्ट्रपति, अंत तक बहुत थक गई थीं...बेचारी, वह मुश्किल से बोल पा रही थीं।' इसी कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति भवन ने कहा, 'संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो स्पष्ट रूप से पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, इसलिए ये अस्वीकार्य हैं।'
राष्ट्रपति भवन ने अब सोनिया गांधी के बयान पर किया रिएक्ट
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन नेताओं ने कहा है कि राष्ट्रपति अंत तक 'बहुत थक गई थीं' और वह मुश्किल से बोल पा रही थीं। बयान में कहा गया, 'राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह धारणा पूरी तरह गलत है। राष्ट्रपति किसी भी समय थकी नहीं थीं। वास्तव में, उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना, जैसा कि वह अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाऊ नहीं हो सकता है।'
राष्ट्रपति भवन ने और क्या कहा
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी पुअर लेडी बयान में दोहराया गया कि राष्ट्रपति का भाषण समावेशी विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आलोचकों ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरों और शैली से अनभिज्ञता के कारण राष्ट्रपति के भाषण को गलत समझा होगा। इन टिप्पणियों को अभद्र, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य करार दिया गया।
सोन्या गांधी माफी मांगे- नड्डा
वहीं भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, "मैं और बीजेपी का हर कार्यकर्ता सोनिया गांधी की ओर से माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के लिए 'बेचारी महिला' जैसे शब्दों के इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा करते हैं। जानबूझकर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना कांग्रेस की अभिजात्य वर्ग वाली, गरीब-विरोधी, आदिवासी-विरोधी प्रकृति को दिखाता है। मैं कांग्रेस पार्टी से मांग करता हूं कि वह माननीय राष्ट्रपति और भारत के आदिवासीय समुदायों से बिना शर्त माफ़ी मांगे।"
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "जो कांग्रेस के नेता ने कहा वो देश को शर्मशार करने वाला है.एक संवैधानिक प्रक्रिया है. देश के महामहिम (राष्ट्रपति) संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हैं। वो सरकार की नीतियों की एक रूपरेखा होती है।"