धर्मांतरण मामलाः आगरा के रहमान कुरैशी के क्रिप्टो वॉलेट की ट्रैकिंग में जुटी पुलिस
आगरा। धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद आगरा पुलिस अब इसकी जड़ों तक पहुंचने में जुटी है। जांच में सामने आया है कि आगरा रहमान कुरैशी को विदेशों से क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से फंडिंग मिल रही थी। पुलिस और संबंधित एजेंसियां रहमान के क्रिप्टो वॉलेट की ट्रैकिंग कर रही हैं, ताकि यह पता चल सके कि पैसा कहां से आया और उसका किस प्रकार उपयोग किया गया।
-क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेशी फंडिंग मिलने की बात पहले ही सामने आ चुकी है
यू-ट्यूब चैनल बना रखा था धर्मांतरण का हथियार
मूल रूप से आगरा के किरावली कस्बे का निवासी रहमान कुरैशी ‘सुन्नाह’ नामक यूट्यूब चैनल चलाता था, जिसके ज़रिये वह हर महीने अच्छी आमदनी कर रहा था। वह चैनल पर धर्मांतरित लोगों के वीडियो अपलोड करता था, जिससे अन्य लोगों को इस्लाम धर्म की ओर आकर्षित करने का प्रयास करता था।
आगरा पुलिस अब तक धर्मांतरण गैंग के 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें सरगना अब्दुल रहमान और उसके दो बेटे भी शामिल हैं। रहमान कुरैशी को भी उन्हीं 10 आरोपियों के साथ पकड़ा गया था, जो धर्मांतरण के मामले में सबसे पहले हिरासत में लिए गए थे।
क्रिप्टो वॉलेट की बारीकी से हो रही जांच
जांच एजेंसियां इस बात का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं कि क्रिप्टो के जरिए रहमान को कौन-कौन से देशों से पैसा मिला और वह किस गतिविधि में खर्च हुआ। एजेंसियों को आशंका है कि यह रकम धर्मांतरण अभियान के प्रचार-प्रसार और प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता देने में इस्तेमाल की गई।
दोनों बहनों की काउंसलिंग जारी
इस मामले में कोलकाता से बरामद की गई आगरा की दो सगी बहनों की मानसिक काउंसलिंग निरंतर कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया जा रहा है।